हिण्डौनसिटी. कैलाश नगर स्थित कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य के खरीद केन्द्र पर छह दिन बाद गत दिवस जिसों की तुलाई शुरू हो गई। राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए राजफैड़ के भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने तुलाई के लिए किसानों की सूची जारी कर दी। इससे खरीद केन्द्र बंद पड़ी समर्थन मूल्य की खरीद ने फिर से चाल पकड ली।
भरतपुर जोन के अधिकांश खरीद केंद्रों पर बारदाना खत्म होने पर 19 मई से राजफैड ने फसल बेचान के लिए ऑनलाइन पंजीकृत किसानों की तुलाई की सूची जारी करना बंद कर दिया। ऐसे में पर्याप्त बारदाना होने के बावजूद हिण्डौन क्रय विक्रय सहकारी समिति के माध्यम से संचालित खरीद केन्द्र पर सरसों व चना की तुलाई ठप हो गई।
इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने 25 मई के अंक में ‘सरकारी खरीद की बिगड़ी चाल,5 दिन से जारी नहीं हो रही तुलाई की सूचीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद राजफैड़ के अधिकारियों खरीद के न्द्र पर बारदाना उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही सरसों की तुलाई के लिए 15 किसानों सूची जारी कर दी।
खरीद केंद्र प्रभारी सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि राजफैड से जारी सूची में शामिल किसानों को फोन का सरसों लेकर आने व कांटे पर तुलाई कराने का संदेश दिया गया। दोपहर तक आए 5 किसानों के 293 कट्टा सरसों की तुलाई की गई। बाद में सिलाई पैकिंग करवा एफसीआई गोदाम में जमा कराए गए।
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बाजार से ऊंचा समर्थन मूल्य
समर्थन मूल्य के खरीद केंद्र पर सरसों और चना का भाव मंडी के खुले भावों से अधिक हैं। खरीद केन्द्र प्रभारी ने बताया कि सरकार ने इस बार चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5335 रुपए प्रति क्विंटल व सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपए प्रति क्विंटन निर्धारित किया है। जबकि कृषि उपज मंडी में चना का भाव 4800 व सरसों का भाव करीब 4900 रुपए प्रति क्विंटल रहा।