कटनी. चारों दिशाओं में पुलिस का पहरा, हाथों में डंडा लिए नगर निगम के तैनात कर्मचारी, प्रशासन कर्मचारियों को निर्देश देते दो तहसीलदार मुन्नौवर खान व संदीप मिश्रा व नायब तहसीलदार रविंद्र पटेल, पुलिस के अधिकारी स्टॉफ को चौकस रहने की समझाइश और फिर जेसीबी से एक के बाद एक मकानों व प्लंथ व नीव तक तैयार मकानों को जमींदोज करती टीम, कार्रवाई न करने व मोबाइल में सोर्स लगाने की जोर आजमाइश के बीच ताबड़तोड़ कार्रवाई…। यह नजारा था बुधवार को दुगाड़ी नाला के पहले एमएसडब्ल्यू (कचरा डंपिंग प्लांट) के बाजू का। जहां पर पुलिस-प्रशासन ने जेसीबी लेकर एक सप्ताह में तैयार हुए मकानों को हटाया है। लगभग 5 करोड़ रुपये कीमती जमीन खाली कराई गई।
माधवनगर थाना अंतर्गत दुगाड़ी नाले के खसरा नंबर 1/1 टिकुरी की जमीन में जो पुनर्वास नजूल व नगर निगम में दर्ज है। रोड के किनारे स्थित अपना बताकर कौडिय़ों के दाम गरीबों को रामदास यादव, हिप्पी वंशकार, अर्जुन वंशकार द्वारा बेच दिया गया था। फर्जीवाड़े का खुलासा बुधवार दोपहर को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से हुआ। लगभग सवा एकड़ जमीन कब्जामुक्त कराई गई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के लिए पुलिस बल के साथ राजस्व अधिकारी वहां पर मौजूद रहे। माधवनगर थाना से उप निरीक्षक पंकज शुक्ला, सिद्धार्थ राय टीम के साथ मुस्तैद रहे। जिन लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, उन्हें पुलिस ने हटाया। महिलाओं को महिला पुलिस ने वहां से हटाया।
45 मकानों को हटाया
तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि कार्रवाई के दौरान तीन जेसीबी की मदद से 45 मकानों को हटाया गया है जो एक सप्ताह में अवैध तरीके से बनवा लिए गए थे। इस दौरान 20 मकान वे हैं जिनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। राजस्व अधिकारियों को बताया कि किसी रामदास यादव द्वारा उन्हें जमीन बेची गई है। जिसके बदले किसी से 40 हजार किसी 30 हजार तो किसी से 70 हजार रुपए तक ऐठे हैं। पुलिस ने लोगों बयानों के बाद रामदास यादव को हिरासत में ले लिया है। यहां पर आधा सैकड़ा से अधिक मकान अवैध तरीके से तन गए थे।

50 हजार वर्गफीट से अधिक पर कार्रवाई
तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार रविंद्र पटेल ने बताया कि दुगाड़ी नाले के पास नजूल पुर्नवास और नगर निगम की संयुक्त रूप से करीब 50 हजार वर्ग फीट की सरकारी भूमि है। इसी भूमि पर कब्जा कर मकान बनाए जाने की सूचना मिली थी। जिस पर कार्रवाई की गई है। तहसीलदार ने बताया कि विजय कुमार ने 15 हजार, सुषमा उपाध्याय ने 40 हजार और गोरा यादव ने 30 हजार रुपए में जमीन खरीदने की बात अपने बयान में कहीं हैं। जिसके बाद रामदास यादव को पुलिस ने दबोचा है। वहीं रामदाय यादव कहता रहा है कि हिप्पी और अर्जुन भी इसमें शामिल हैं।
गिरानी पर खड़े हुए सवाल
हैरानी की बात तो यह कि पूरे शहर में अवैध निर्माण, अवैध कॉलोनी, मनमाने निर्माण हो रहे हैं, जिस पर ननि के अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। इस तरह से बीच शहर बस्ती तैयार हो गई थी, जिस पर न तो राजस्व विभाग से आरआई ने ध्यान दिया और ना ही नगर निगम के वार्ड प्रभारी उपयंत्री व कार्यपालन यंत्री ने। शिकायत के बाद प्रशासन जागा और कार्रवाई की है।