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Video: 36 हजार बोरी धान चोरी: भोपाल से आए अफसर गायब धान का नहीं लगा पाए पता

मध्यप्रदेश वेयर हाउस के जीएम, आरएम सहित चार अफसर थे जांच में शामिल, गोग्रीन कंपनी के पहुंचे थे अधिकारीखुले में सड़ी पड़ी बोरियों की होगी गिनती, बिखरी धान की होगी पैकिंग, गुरुवार को फिर भौतिक सत्यापन के लिए पहुंचेगी जांच टीम

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 10, 2023

कटनी. बड़वारा तहसील क्षेत्र के मझगवां ओपन कैंप में भंडारित धान से लगभग 36 हजार बोरी धान चोरी होने के सनसनीखेज मामले की जांच करने के लिए सोमवार को भोपाल से मप्र वेयर हाउस सहित जबलपुर से चार अफसरों का दल कटनी पहुंचा। साथ में धान की संरक्षा और सुरक्षा करने का जिम्मा संभाल रही प्राइवेट गोग्रीन कंपनी के जीएम सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। दोपहर से शाम तक चली जांच के बाद अफसर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए कि आखिरकार धान कितनी मात्रा में चोरी हुई है। अफसरों द्वारा यह राग अलापा जा रहा है कि जो धान बिखरी पड़ी है सड़ी, फटी बोरिया पड़ी हैं उनकी गिनती होगी, धान का वजन होगा, इसके बाद धान कितनी मात्रा में चोरी हुई है यह स्पष्ट हो पाएगा, जबकि मौके पर इतनी धान नहीं है कि 36 हजार बोरी के एक तिहाई आंकड़े को भी छू पाए।
जानकारी के अनुसार जांच अधिकारियों ने गोग्रीन कंपनी प्रबंधन को कहना है कि ओपन कैप में अनाज जो फैला है उसकी पैकिंग करें। इसके बाद भौतिक सत्यापन कराएं। यह प्रक्रिया दो दिन में करने के लिए कहा है। गुरुवार को फिर से टीम आकर जांच करेगी। बताया जा रहा है कि भंडारण में जो बारदाना डैमेज हो जाता है उसका माल नीचे गिर जाता है, बोरी निकालकर फेंक दी जाती है, इससे कुछ यूनिट कम हो गए हैं। बोरियों की भी गणना होगा, जो खाली पड़ी है। अनाज भरवाकर वजन कराया जाएगा। तब स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

3 लाख 50 हजार क्विंटल भंडारित थी धान
जानकारी के अनुसार 2021-22 में ओपन कैप मझगवां में 3 लाख 50 हजार क्विंटल धान भंडारित थी। लगभग 32 से 33 हजार मिट्रिक टन धान का उठाव मिलिंग के लिए कर लिया गया है। लगभग 3 हजार मिट्रिक टन धान गायब है। 36 हजार बोरी से अधिक धान गायब बताई जा रही है। अब सवाल यह उठता है कि बिखरी पड़ी धान को समेटा भी जाता तो इतनी बड़ी चोरी की खाई को कैसे पाटा जाएगा।

पांच वाहनों से पहुंचे जांच अधिकारी
भोपाल व जबलपुर से पांच वाहनों में धान मामले की जांच करने के लिए अधिकारी पहुंची। जांच अधिकारी वाहन क्रमांक एमपी 04 सीक्यू 7899, एमपी 04 सीजे 3849, एमपी 04 सीएल 3427, एमपी 04 जेडए 2855 व एमपी 07 सीडी 3068 से जांच करने पहुंचे। इस जांच दल में मध्यप्रदेश वेयर हाउस भोपाल मुख्यालय जीएम ओपी कुशवाहा, आरएम संतोष सोलंकी, जीएम क्यूयूसी सीएम मिश्रा, जबलपुर से संदी निसारिया जांच के लिए पहुंचे।

कार्यालय में ली रिपोर्ट, फिर की मौके पर जांच
भोपाल से 1 बजकर 25 मिनट में जांच अधिकारी सीधे कृषि उपज मंडी पहरुआ के अंदर बने मध्यप्रदेश वेयर हाउस के कार्यालय पहुंचे। यहां पर जिला प्रबंधक वायएस सेंगर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों से धान चोरी के संबंध में जानकारी ली। कितनी मात्रा में धान भंडारित थी और कितनी मिलर्स को दे दी गई है यह रिपोर्ट ली। चोरी के संबंध में जानकारी लेने के बाद टीम से सीधे मझगवां ओपन कैप पहुंची और भौतिक सत्यापन किया।

नतीजे तक नहीं पहुंची जांच
पांच वाहनों में पूरे लाव लश्कर के साथ व गोग्रीन कंपनी के प्रोजेक्ट हेड सौरभ मालवीय, जीएम राजन भारद्वाज, सीआइओ राजेश यादव की उपस्थिति में जांच हुई। कई घंटे तक चली जांच के बाद अफसर किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं कि आखिर माजरा क्या है। सिर्फ धान को एकत्रित कर पैकिंग कराने की बात कह भोपाल लौट गए हैं।

धान को लेकर खास-खास
– 2021-22 में गोग्रीन कंपनी के लिए प्रदेशभर में 41 ओपन कैप धान की संरक्षा और संरक्षा के लिए सौंपे गए थे।
2022-23 में कंपनी को 17 ओपन कैप अनाज की सुरक्षा के लिए दिए गए हैं, भोपाल से पहुंचे अधिकारियों न दी जानकारी।
– धान की पैकिंग में पर्यवेक्षण के लिए एक कर्मचारी को किया गया तैनात, निगरानी में बोरियों में भरी जाएगी खुली सड़ी पड़ी धान।
– जून माह में ओपन कैप से धान चोरी के मामले में प्रताडि़त कर्मचारी कर चुका है जंगल में आत्महत्या।
– इतने व्यापक पैमान पर हुई धान चोरी के मामले में गोग्रीन कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल।
– धान का उठाव होने के बाद 36 हजार बोरी धान न मिलने पर वेयर हाउस प्रबंधन, नागरिक आपूर्ति निगम भी साधे रहा चुप्पी।

वर्जन
कटनी में धान चोरी मामले में जांच करने कटनी आए हैं। भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
ओपी कुशवाही, जीएम मप्र वेयर हाउस भोपाल।

भोपाल की टीम जांच के लिए पहुंची थी। जो धान खुली पड़ी है उसे एकत्रित कर बैगों में पैक कराने कहा गया है। फिर जांच होगी तो पता चलेगा कि धान कितनी चोरी हुई है।
अवि प्रसाद, कलेक्टर।