बालमीक पांडेय @ कटनी. हर माता-पिता का यही सपना होता है कि बेटा पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी करे, उनका मान बढ़ाए, लेकिन खेती की ओर भेजने के लिए बहुत कम लोग अग्रसर हो रहे हैं। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे युवा कि जिन्होंने पढ़ाई-लिखाई करने के बाद नौकरी करने का ख्वाब छोड़ा और पिता हरिमोहन गौतम की प्रेरणा से खेती की ओर कदम बढ़ाया है। पिछले पांच साल से खेती में न सिर्फ बेहतर आयाम स्थापित किए हैं, बल्कि मुनाफा भी बेहतर कमा रहे हैं। गांव के लिए युवा किसान मिसाल बनकर उभरा है। हम बात कर रहे हैं गुलवारा निवासी जयप्रकाश गौतम की। जिनका नाम गांव में किसान बाबू पड़ गया है। परंपरागत खेती को बॉय-बॉय करते हुए पांच साल पहले किसान ने खेत में नलकूप का खनन कराया। चार एकड़ खेत को सुरक्षित कराते हुए खेती शुरू की। वर्तमान में किसान जयप्रकाश पांच एकड़ में खेती कर रहे हैं। साल में तीन फसल उगाकर किसान लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। खेत में बासमति, विष्णुभोग सहित अन्य हाइब्रिड की धान लहलहा रही है। खास बात यह है कि युवा किसान की तरकीब को देखकर गांव के किसानों ने बेहतर खेती की ओर कदम बढ़ाया है। पत्रिका से चर्चा के दौरान किसान जयप्रकाश ने कहा कि भारत देश कृषि प्रधान देश है। भारत धान के उत्पादन के कारण जब सुनहली फसल पककर तैयार होती थी तो इसे सोने की चिडिय़ा कहा जाता था। किसान ने कहा कि युवा स्वरोजगार के लिए खेती को बेहतर विकल्प बनाएं। जैविक खेती कर देश की सुरक्षा में भागीदार बनें।
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खास-खास:
– खेत में लगभग पांच फीट की लहलहा रही विष्णुभोग धान।
– धान-गेहूं के साथ सब्जी और मूंग की खेती से कमा रहे मुनाफा।
– आसपास के किसानों को देते हैं बेहतर खेती करने की जानकारी।
– उन्नत तरीके की खेती कर जिले के युवाओं के लिए बन रहे मिसाल।
– सालाना तीन लाख रुपये से अधिक का कमा रहे मुनाफा।
– बिजली की कटौती और कम वोल्टेज की है परेशानी।
– इस साल धान में कंडवा रोग के कारण नुकसान का अनुमान।

उद्यानिकी में भी आजमा रहे हाथ
खास बात यह है कि किसान धान, गेहंू की खेती के साथ उद्यानिकी में भी हाथ आजमा रहे हैं। खेत में सब्जी उगाकर नकदी फसल लेने की राह में भी आगे बढ़ रहे हैं। जयप्रकाश ने खेत में पपीता भी बतौर मॉडल लगाए हैं। बेहतर फसल आने पर उसे और बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके अलावा खेत के कुछ हिस्से में हाइब्रिड के आम, जामुन, आंवला, मुसंबी, संतरा आदि के पौधे लगाए हैं, जो तैयार हो रहे हैं।

रुपये कमाकर खरीदी जमीन
खास बात यह है कि युवा किसान खेती से रुपये कमाकर खेत से ही लगी हुई जमीन खरीदी है। लगभग एक एकड़ जमीन 12 लाख रुपये में क्रय की है। किसान ने बताया कि इसमें थोड़ा सहयोग घर वालों से लिया है, बाकी की राशि खेती करके कमाई है।

कई किसान हुए प्रेरित
खास बात यह है कि युवा किसान की मेहनत व फसल को देखकर आसपास के दर्जनों किसान प्रेरित हुए। यहां के लोग पहले परंपरागत खेती कर रहे थे। बारिश न होने व नहर से पानी न मिलने के कारण परेशान थे, लेकिन जब जयप्रकाश ने जबसे नलकूप खनन कराकर खेती की राह में आगे बढ़े तो आसपास के आधा सैकड़ा से अधिक किसान बेहतर खेती करने लगे हैं।