ओंकारेश्वर. अक्षय तृतीया के दिन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन को आए श्रद्धालुओं को ट्रस्ट के सदस्यों ने पीट दिया। मंदिर परिसर में हुई मारपीट के दौरान वहां मौजूद पुलिस कर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए खासी मशक्कत करना पड़ी। इस घटना के दौरान पीडि़त श्रद्धालु के परिजनों ने ट्रस्ट पर आरोप लगाा कि मंदिर में तैनात पंडित पर्ची बाटकर दोहरी लाइन लगाते हैं और दर्शन के लिए महिलाओं को परेशान करते हैं। मंदिर में हुई इस अव्यवस्था की खबर के बाद एसडीएम ने ड्यूटी पर तैनात दो सदस्यों को हटा दिया है। लेकिन इस घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की खासी किरकिरी हो रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल
22 अप्रैल शनिवार को ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना के फोटो और वीडियो भी बनाए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। वायरल वीडियो में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी एक श्रद्धालु को पीटते हुए दिख रहे हैं और ड्यूटी पर तैनात पुलिस छुड़ा रहे हैं। इसमें एक श्रद्धालु ट्रस्ट की दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जाहिर कर रहा है।
तहसीलदार ने एसडीएम को बताया
मंदिर परिसर में श्रद्धालु के साथ हुए अभद्र व्यवहार के बारे में तहसीलदार उदय मंडलोई से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह खुद घटना के समय उपस्थित नहीं थे, लेकिन मामला जानकारी में आने पर एसडीएम को बताया गया है। एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अंकित योगी और गुरुप्रसाद घाटे को यहां से हटा दिया है।
नहीं लिखाई थाने में रिपोर्ट
मारपीट के बाद पीडि़त श्रद्धालु को कहा गया था कि वह थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। लेकिन बाहरी होने के कारण उन्होंने शिकायत नहीं की। थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि झगड़े से संबंधित कोई भी रिपोर्ट थाने में किसी पक्ष द्वारा नहीं की गई है। मंदिर परिसर में मारपीट की सूचना के बाद भीड़ को देखते हुए उपलब्ध साधनों से पुलिस ने अपनी ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।
दर्शन व्यवस्था में सुधार नहीं
दर्शन व्यवस्था में सुधार नहीं होने से गर्भ गृह, मंदिर प्रांगण और बाहर की ओर श्रद्धालु अक्सर परेशान होते हैं। कई बार यह बात उठ चुकी लेकिन ट्रस्ट की दर्शन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। इसके लिए इंदौर संभाग आयुक्त पवन शर्मा के निर्देश पर कलेक्टर अनूप सिंह और तत्कालीन एसपी विवेक सिंह ने 20 नवंबर 2023 को व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बताया गया था कि 3.50 करोड़ की लागत से श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए काम किए जाएंगे ताकि सुलभ दर्शन के लिए व्यवस्थाएं हो सकें। लेकिन अभी तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठ सके।