कांग्रेस का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से फर्जी आपत्तियां दर्ज कर फॉर्म-7 का दुरुपयोग किया गया, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों पर प्रहार हुआ है। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि फर्जी आपत्तियां लगाने वालों पर निर्वाचन आयोग द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तो संपूर्ण एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं मानी जा सकती। प्रदर्शन के दौरान मौजूद एसडीएम ने आश्वासन दिया कि मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया जाएगा और जिन मामलों में आपत्तिकर्ता स्वयं उपस्थित नहीं होंगे, वहां सभी आपत्तियों को निरस्त किया जाएगा।
आपत्तियों के लिफाफे किसने प्रिंट कराए
कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने सवाल उठाया कि असली मुद्दा केवल आपत्तियां निरस्त करने का नहीं, बल्कि यह जानना है कि यह पूरा षड्यंत्र रचा किसने। कांग्रेस ने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि फॉर्म-7 कहां से और कैसे उपलब्ध कराए गए। फर्जी आपत्तियों वाले लिफाफे किसने प्रिंट कराए और उन्हें निर्वाचन कार्यालय में किसके माध्यम से जमा कराया गया। साथ ही निर्वाचन कार्यालय में पिछले 15 दिनों की सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग भी की गई, ताकि यह पता चल सके कि आपत्तिकर्ता कौन हैं और इस पूरे षड्यंत्र के पीछे किन लोगों की भूमिका है।
लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश
जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस नेत्री प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि यह मामला केवल नाम काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने की गहरी साजिश है, जिसे उजागर करना बेहद जरूरी है। इस अवसर पर वार्ड पार्षद शब्बीर कादरी, तारिक बबलू पटेल, असलम गोरी, विशाल जैन, शहजाद पवार, दिव्यांश ओझा, अब्दुल कादिर, गुरप्रीत सिंह, अशोक मालवीय, अश्विनी चौहान, रणधीर कैथवास, मुन्नू, इमरान गौरी, सुनील पासी, रिजवान शेख, अयान खान सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद थे।