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एसआइआर… केस दर्ज कराने की आई बात तोआपत्तिकर्ता ने ले ली आपत्तियां वापस

-एक-एक व्यक्ति ने ले रही है 35 से 40 लोगों के नाम पर आपत्ति-70 साल से गांव में रह रहे व्यक्ति को नहीं पहचनाता 40 साल का व्यक्ति-मुस्लिम बाहुल्य इलाकों के पार्षद पहुंचे कलेक्टर से शिकायत करने जिले में एसआइआर की प्रक्रिया के बाद दावे-आपत्तियों के दौरान फार्म-7 भरकर 87 हजार लोगों के नामों पर […]

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खंडवा

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Manish Arora

Jan 28, 2026

-एक-एक व्यक्ति ने ले रही है 35 से 40 लोगों के नाम पर आपत्ति
-70 साल से गांव में रह रहे व्यक्ति को नहीं पहचनाता 40 साल का व्यक्ति
-मुस्लिम बाहुल्य इलाकों के पार्षद पहुंचे कलेक्टर से शिकायत करने

जिले में एसआइआर की प्रक्रिया के बाद दावे-आपत्तियों के दौरान फार्म-7 भरकर 87 हजार लोगों के नामों पर आपत्ति ली गई है। इन्हीं आपत्तियों पर अब मतदाता आपत्तिकर्ताओं पर ही उंगली उठा रहे है। कई जगह तो आपत्तिकर्ताओं से मतदाता सवाल भी पूछ रहे है। सिहाड़ा में आपत्तिकर्ता के नाम की एफआइआर कराने की बात पर आपत्तिकर्ता द्वारा आपत्ति भी वापस ली गई। वहीं, मंगलवार को मुस्लिम बाहुल्य इलाकों के पार्षद, मतदाताओं के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे।

ग्राम सिहाड़ा में एसआइआर के दौरान वैध पाए गए 180 मतदाताओं के नाम पर कुछ लोगों ने आपत्ति ली है। ग्रामीणों का कहना है कि सत्तापक्ष के नेताओं द्वारा षड्यंत्रपूर्वक खेल खेला गया है। गांव के 7 से 8 लोगों ने आपत्तिकर्ता बनकर सभी 5 बूथों पर सिर्फ मुस्लिम मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई है। जबकि एसआइआर प्रक्रिया में सभी दस्तावेज देकर ये वैध मतदाता सूची में आए है। इसमें 70 से 80 साल के ऐसे भी बुजुर्ग है, जिनका पूरा जीवन गांव में ही बीता है और अब 35-40 साल के युवा इनके नाम पर आपत्ति ले रहे है।

आपत्तिकर्ता को पता ही नहीं उसके नाम से ली आपत्ति
लोगों ने जब आपत्तिकर्ताओं से संपर्क किया और आपत्ति कि वजह पूछी तों आपत्तिकर्ताओं को पता तक नहीं था कि उसने किसी नाम की कोई आपत्ति ली है। वहीं एक-दो आपत्तिकर्ता को जब लोगो ने इस मामले में एफआइआर दर्ज करवाने की बात कही तों उन्होंने बीएलओ के पास जाकर अपनी सभी आपत्तियों को वापस भी ले लिया। जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्ति ली गई इसमें किसी को अन्य जगह पर नामांकित, स्थानीय निवासी नहीं होने या मृत होने का कारण बताया गया है।

आपत्तिकर्ता को ही ले आए कलेक्टर के सामने
मंगलवार को कहारवाड़ी वार्ड और खानशाहवली वार्ड के पार्षद उन मतदाताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, जिनके नाम पर आपत्ति ली गई थी। कहारवाड़ी वार्ड के मतदाताओं ने तो आपत्तिकर्ता को ही कलेक्टर ऋषव गुप्ता के सामने खड़ा कर दिया। आपत्तिकर्ता अमर वर्मा ने बताया कि उन्हें पता चला कि उनके नाम से 227 लोगों के नाम पर आपत्ति ली गई है। फार्म 7 पर उनका नाम और मोबाइल नंबर है, लेकिन इपिक नंबर गलत डला हुआ है। साथ उनके हस्ताक्षर भी नहीं है।

एफआइआर दर्ज करने की मांग
खानशाहवली वार्ड के पार्षद मो. शब्बीर कादरी ने कलेक्टर को बताया कि उनके वार्ड में 552 मतदाताओं के नाम पर आपत्ति ली गई है। आपत्ति लेने वाले उनके वार्ड के लोग ही नहीं है और अन्य वार्डों में निवास करते है। कादरी ने बताया फर्जी तरीके से कई वार्डों में इस तरह की आपत्ति ली जा रही है और वैध मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। कादरी ने कहा ये कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत-निर्वाचन संबंधि दस्तावेजों में झूठी जानकारी देना/फर्जीवाड़ा (दंडनीय अपराध) हैं। फर्जी तरीके से प्रस्तुत किए फार्म 7 निरस्त किए जाए और संबंधितों पर एफआइआर दर्ज की जाए।

किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं कटेगा
आपत्तियों पर सुनवाई का कार्य चल रहा है। फर्जी आपत्ति है तो खारिज हो जाएगी। किसी भी वैध मतदाता का नाम एसआइआर में काटा नहीं जाएगा।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर