ओंकारेश्वर के बालवाड़ी के बाजार क्षेत्र में सुबह 10.30 बजे की घटना है। शुक्रवार को ओंकारेश्वर में दर्शन के लिए कार क्रमांक यूपी 32-एचवाय-4040 से श्रद्धालु आए हुए थे। ड्राइवर ने कार को बाजार क्षेत्र में पार्क कर रखा था। वहीं कार के पीछे ढाई वर्षीय सिया पिता अरुण जाधव बैठी हुई थी। तभी ड्राइवर ने कार को रिवर्स ले लिया। कार पिछला टायर बालिका के ऊपर चढ़ गया। इससे बालिका की चिख निकल गई। उसकी आवाज सुन आसपास के लोग शोर मचाते हुए ड्राइवर को कार आगे करने के लिए कहते रहे लेकिन वह कार को वहीं छोड़कर भागने लगा। कुछ लोगो ने कार ड्राइवर को पीछा कर पकड़ लिया। इस दौरान बालिका टायर के नीचे दबी हुई थी। कार को धक्का देकर आगे किया गया। खून से लथपथ बालिका को ओंकारेश्वर अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
माता-पिता बदहवास हुए
मासूम बेटी सिया की मौत से माता-पिता बेसूध हो गए। बदहवास से अपनी बेटी को पुकारते रहे। इस बीच थाने से पुलिसकर्मी भी अस्पताल पहुंच गए थे। अस्पताल में परिजन बिलखते रहे। लोगों ने घटना को लेकर आक्रोश जताया। लोगों का कहना है कि ओंकारेश्वर में कार से आने वाले तीर्थयात्री कहीं भी अपने वाहन खड़े कर दे रहे हैं। इन पर किसी तरह की रोकटोक नहीं हैं। इसी वजह से आज यह हादसा हो गया।
आंगनवाड़ी व प्राथमिक स्कूल के आसपास अवैध पार्किंग
घटनास्थल के पास स्थानीय निवासी विनोद गायकवाड़ ने बताया कि पार्किंग व्यवस्था नहीं है तो भी पार्किंग बंद को कर दिया जाए। कार पार्किंग करने वाले आए दिन विवाद करते हैं। स्थानीय लोगों को धमकाते हैं। कार चालकों को कहते हैं यहां छोटे बच्चे खेलते हैं, हादसा हो सकता है लेकिन वे नहीं मानते। घटनास्थल के पास ही आगनवाड़ी है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कृष्णा सोनी ने बताया कि आंगनवाड़ी भवन के पास ही वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। कार चालक मना करने पर भी नहीं सूनते। अवैध पार्किंग की वजह बच्ची की जान गई है। वाहनों की पार्किंग से बच्चों को आने जाने में भी हमको भी परेशानी होती है।
पार्किंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पार्किंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। लोगों का आरोप है कि दंडी आश्रम और कुबेर भंडारी पार्किंग से एजेंट 200- 300 रुपए लेकर गाड़ियां बालवाड़ी हाट बाजार, ममलेश्वर पार्किंग में लाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाती है।