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कोलकाता

कोलकाता: जय दादी के जयकारों से गूंजा, कलश शोभायात्रा में उमड़ी आस्था

मिग्सर बदी नवमी के अवसर पर कोलकाता के बड़ाबाजार सहित महानगर में भक्तिमय वातावरण नजर आया। इस दौरान विभिन्न रानी सती मन्दिरों में विविध कार्यक्रम हुए वहीं अनेक धार्मिक संस्थाओं द्वारा विभिन्न स्थानों से रानी सती दादी की कलश शोभायात्रा निकाली गई। मंगसिर बदी नवमी उत्सव समिति द्वारा दादी की शोभायात्रा निकाली गई। नंदो मल्लिक लेन और रवीन्द्र सरणी के निकट से प्रारम्भ यात्रा गणेश टॉकीज, गिरीश पार्क, राम मंदिर, बांसतल्ला, कलाकार स्ट्रीट, चितपुर, तुल्लापट्टी, सुतापट्टी, महात्मा गांधी रोड सहित अनेक स्थानों का भ्रमण कर पुन: बेरीवाल भवन पहुंची जहां इसका विधिवत समापन हुआ। शोभायात्रा में जय बोलो श्रीरानी सती भक्त वृन्द, श्री बीरां बरजी दादी, श्रीपोद्दार मादल भवानी समिति, उदी दादी सुरेका परिवार, जय श्री खेमका शक्ति संघ आदि अनेक संस्थाएं शामिल हुई

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मिग्सर बदी नवमी के अवसर पर कोलकाता के बड़ाबाजार सहित महानगर में भक्तिमय वातावरण नजर आया। इस दौरान विभिन्न रानी सती मन्दिरों में विविध कार्यक्रम हुए वहीं अनेक धार्मिक संस्थाओं द्वारा विभिन्न स्थानों से रानी सती दादी की कलश शोभायात्रा निकाली गई। मंगसिर बदी नवमी उत्सव समिति द्वारा दादी की शोभायात्रा निकाली गई। नंदो मल्लिक लेन और रवीन्द्र सरणी के निकट से प्रारम्भ यात्रा गणेश टॉकीज, गिरीश पार्क, राम मंदिर, बांसतल्ला, कलाकार स्ट्रीट, चितपुर, तुल्लापट्टी, सुतापट्टी, महात्मा गांधी रोड सहित अनेक स्थानों का भ्रमण कर पुन: बेरीवाल भवन पहुंची जहां इसका विधिवत समापन हुआ। शोभायात्रा में जय बोलो श्रीरानी सती भक्त वृन्द, श्री बीरां बरजी दादी, श्रीपोद्दार मादल भवानी समिति, उदी दादी सुरेका परिवार, जय श्री खेमका शक्ति संघ आदि अनेक संस्थाएं शामिल हुई। इस दौरान रजत रथ पर श्रीदादी के विग्रह का मनमोहक श्रृंगार मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों द्वारा श्रीनारायणी बाई मुकलावा, श्रीदादी झुंझनू वाली, कंस वध जैसी विभिन्न धार्मिक झांकियों की प्रस्तुति ने सबका मन मोहा। दादी भक्त रमाकांत देवड़ा ने बताया कि जय बोलो श्रीरानी सती भक्त वृन्द द्वारा इसका आयोजन कर मिग्सर बदी नवमी का उत्सव मनाया गया। कलश शोभायात्रा में श्रद्धालु महिलाएं सिर पर कलश लिए शामिल हुई वहीं पुरुष भजन मंडलियों द्वारा गाये गए थाने टाबरिया बुलावे, आवो म्हारा दादीजी जैसे भजनों की प्रस्तुतियों से पूरा परिसर दादीमय हो गया।