कोटा. खुदकुशी करने वाले मृतक छात्र अभिषेक यादव के पिता ने सरकार व कोचिंग संस्थान संचालकों पर कोटा में पढ़ाई के दबाव के कारण छात्रों द्वारा सुसाइड करने के मामले में सवाल उठा दिए हैं।
पिता आराम सिंह ने कहा कि कोटा में लगातार छात्र खुदकुशी कर रहे हैं। उनके बच्चे ने भी खुदकुशी कर ली। कोटा में बच्चे लगातार खुदकुशी कर रहे हैं इसका भी कारण है। कहा कि मां-बाप बच्चों को कैसे पालते हैं और कैसे पढ़ाते-लिखाते है, यह वह ही जानते हैं। बच्चों के माता-पिता से सरकार या कोचिंग संस्थान संचालकों से क्या भेदभाव है, जो इस तरह की घटना लगातार हो रही हैं। ऐसा क्या है, जो बच्चे खुदकुशी कर रहे हैं। क्योंं ऐसी स्थिति पैदा हो रही है।
चाहे राजस्थान सरकार हो या अन्य सरकारें या केन्द्र सरकार, जो भी है कोचिंग संस्थान में पढ़ाई की क्या व्यवस्था है। बच्चे पर पढ़ाई का इतना प्रेशर क्यों बना रखा है, कि वह खुदकुशी कर रहे हैं। वह मानते है कि डॉक्टर की पढ़ाई के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी है। लेकिन इतना तो दबाव पढ़ाई का नहीं हो कि बच्चा खुदकुशी ही कर ले। अगर ऐसा होता है कि फिर सरकार का सोचना चाहिए। बच्चों के जीवन के लिए सोचना चाहिए।
मां-बाप नहीं, दबाव तो कोचिंग संस्थानों का..
कोचिंग संस्थान के दबाव के बारे पिता आराम सिंह ने कहा कि मां-बाप का दबाव कहां होता है। यह तो कोचिंग संस्थानों का दबाव है कि पढऩे के लिए ऐसा करो, वैसा करो। अरे, पढ़ाई है तो सामान्य तरीके से पढ़ाइए। ऐसा पढ़ाई का क्या दबाव की बच्चे खुदकुशी कर रहे हैं। क्या कारण है, ऐसी क्या दिक्कत आ रही है। सुसाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार इस मामले में नीति बनाकर ध्यान दे।