17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा

Forest workers strike: सुन लो सरकार, अबकी बार लड़ाई आरपार

Forest workers strike: कोटा. संयुक्त संघर्ष समिति वनविभाग राजस्थान के आह्वान पर कोटा में वनकर्मियों का धरना व प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। समिति के बेनर तले वन विभाग के विभिन्न संगठनों के वनकर्मी शामिल हुए। उन्होंने दिनभर किशोरपुरा िस्थत संभागीय मुख्य वन संरक्षक कार्यालय पर धरना देकर जमकर नारे बाजी की व कार्य का बहिष्कार किया।

Google source verification

कोटा

image

Hemant Sharma

Feb 07, 2023

Forest workers strike:कोटा. संयुक्त संघर्ष समिति वनविभाग राजस्थान के आह्वान पर कोटा में वनकर्मियों का धरना व प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। समिति के बेनर तले वन विभाग के विभिन्न संगठनों के वनकर्मी शामिल हुए। उन्होंने दिनभर किशोरपुरा िस्थत संभागीय मुख्य वन संरक्षक कार्यालय पर धरना देकर जमकर नारे बाजी की व कार्य का बहिष्कार किया।

इससे जंगलों में मॉनिटरिंग प्रभावित रही। समिति के पदाधिकारी बुधराम जाट,मनेश कुमार, मनोज शर्मा, वाहन चालक संघ के अकरम अली ने बताया कि सरकार वनकर्मियों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। पहले भी कई बार वनकर्मी अपनी मांगे रख चुके हैं। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विभाग के कामकाज के प्रभावित होने की भी चिंता नहीं है। सत्यनारायण चौधरी,महेश चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारियों के अनुसार अब भी सरकार मांगें नहीं मानेगी तो उच्च स्तर पर पदाधिकारियों के दिशा निर्देशों के अनुसार आंदोलन को तेज किया जाएगा। इससे पहले वन्यजीव विभाग, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व, सर्वेयर व वाहन चालक संघ के वनकर्मी धरने में शामिल रहे।

ये प्रमुख मांगे

वनकर्मियों को पुलिस, पटवारी व ग्रामसेवकों के समान वेतन,जंगलों में कार्य करने वाले वनकर्मियों को मैस भत्ता 2200 दिलवाने, वर्कचार्ज कर्मचारियों को सेवा नियमों में लेते हुए सहायक वन रक्षक के रूप में पदनाम देने,राजस्थान वन विभाग श्रमिक संघ के साथ हुए समझौते को लागू करने, अवैध शिकार, खनन,अतिक्रमण व अन्य गैरवानिकी गतिविधियों की रोकथाम के स्वयं सुरक्षा के लिए हथियार दिलवाने, विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों को अभयारण्य, नेशनल पार्क में नि:शुल्क प्रवेश दिलवाने,विभाग के चालकों को उनके समकक्ष वनकर्मियों के समान वर्दी लागू करने व भत्ता देने समेत 15 मांगे हैं।

ये भी आए समर्थन में

वन व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संगठन व संस्थाओं के प्रतिनिधि तपेश्वर सिंह भाटी, बृजेश विजयवर्गीय, कृष्णेन्द्र नामा, डीके शर्मा, वैद्य सुधीन्द्र श्रृंगी समेत अन्य लोग वनकर्मियों के समर्थन में धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि जंगलोकिर दिन रात रक्षा करने वाले वनकर्मियों की मांगों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।