कोटा के मोड़क कस्बे में सड़कों पर घूमने वाली गाय एवं सांडों की बढ़ती संख्या अब आमजन के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। इन आवारा पशुओं के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसके बावजूद इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
कस्बे की मुख्य सड़कों एवं गलियों में गायें समूह के रूप में विचरण करती नजर आती हैं। विशेषकर रात्रि के समय और सुबह-सुबह इन पशुओं की मौजूदगी के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अचानक सामने आ जाने से दोपहिया वाहन सवार हादसों का शिकार हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश पशु पालक दूध देने की अवधि तक ही गायों को बांधकर रखते हैं। जैसे ही गाय दूध देना बंद करती है, उन्हें सड़कों पर खुला छोड़ दिया जाता है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।