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विदेशी डिजाइन से निखर सकता है शिक्षा नगरी का ‘सौन्दर्य’ ! यूडीएच मंत्री धारीवाल ने किया कुछ ऐसा बदलाव …

दादाबाड़ी से केशवपुरा पुल की डिजाइन बदल सकती है, विदेश की द्विज...राह कैसे ज्यादा सुगम बने, संभावना तलाशी...Coaching City,

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कोटा

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Suraksha Rajora

Jun 22, 2019

 

कोटा. नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल शनिवार को कोटा पहुंचे । उन्होंने नगर विकास न्यास (UIT) के अधिकारियों की बैठक लेकर शहर के विकास कार्यों पर चर्चा की । विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को जाना ।

 

शहर के विकास की पुरानी योजनाओं में जल्द बदलाव देखने को मिलेगा। दादाबाड़ी से केशवपुरा की ओर बनने वाले फ्लाईओवर की डिजाइन में भी बदलाव की संभावना तलाशी जा रही है। इस फ्लाईओवर की लम्बाई बढ़ाने के साथ इसके दोनों तरफ की सर्विसलेन को चौड़ा करने की संभावना तलाशने के लिए स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल अधिकारियों के साथ शनिवार को निरीक्षण किया ।


न्यास अधिकारियों ने दादाबाड़ी फ्लाईओवर का तकनीकी रूप से अध्ययन किया है। व्यापारियों ने भी न्यास को अवगत कराया है कि मौजूदा डिजाइन(Design) से इसका निर्माण कार्य जारी रखा जाता है तो राह आसान होने के बजाए दुविधा बनेगी। व्यापारियों का कारोबार (Business) चौपट हो जाएगा। आस-पास के व्यापारियों से बातचीत की गई है।

 

अभी केवल पांच से सात फीट सर्विसलेन का प्रावधान रखा गया है, जो सही नहीं है। वहीं शहर में मल्टीस्टोरी पार्किंग की कार्य योजना बनाने पर भी काम चल रहा है। शहरवासियों को सुगम यातायात सुविधा देने और आवारा मवेशियों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे।

 

शहर के विकास कार्यों की स्थिति यह है कि BJP शासन में शुरू हुए विकास कार्यों को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया है। दादाबाड़ी से केशवपुरा की ओर बनने वाले फ्लाईओवर की डिजाइन में बदलाव की संभावना तलाशी जा रही हैं।

इस फ्लाईओवर की लम्बाई बढ़ाने के साथ इसके दोनों तरफ की सर्विसलेन को चौड़ा करने की संभावना तलाशने के लिए स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल अधिकारियों के साथ शनिवार को निरीक्षण किया। न्यास के अधिकारियों ने दादाबाड़ी फ्लाईओवर का तकनीकी रूप से अध्ययन किया है।

 

व्यापारियों ने भी न्यास को अवगत कराया है कि मौजूदा डिजाइन से इसका निर्माण कार्य जारी रखा जाता है तो राह आसान होने के बजाए दुविधा बनेगी। व्यापारियों का कारोबार चौपट हो जाएगा। इस दौरान न्यास के अध्यक्ष मुक्तानंद अग्रवाल, सचिव भवानीसिंह पालावत, विशेषाधिकारी आर.डी. मीना और अतिरिक्त मुख्य अभियंता ओ.पी. वर्मा, नगर नियोजक संदीप दंडते सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

 

आप को बता दे की छह माह से विकास कार्य ठप पड़े हैं और एक पत्थर भी नहीं लगा है। इसका दंश आमजन को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अधूरी सड़कों पर लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश होना पड़ रहा है। अधूरे कार्य से व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

 

राह कैसे सुगम बने

बारिश में भी लोग जर्जर सड़क का दंश झेलने को विवश होंगे। स्टील ब्रिज से रोडवेज बस टर्मिनल तक एक-एक फीट गहरे गड्ढे हैं। आधी सड़क खुदी पड़ी है। रोड लाइटें भी बंद पड़ी हैं। इस कारण राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। आए दिन वाहन गड्ढे में फंस जाते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भाजपा BJP शासन में वाहनों के भारी दबाव के मद्देनजर इस सड़क के चौड़ीकरण का काम शुरू किया था।

 

इस पर करीब 15 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। देवली अरब रोड पर स्मृति वन विकसित करना था। इसका काम विधानसभा चुनाव की आचार संहिता (Code of conduct) लागू होने के कुछ माह पहले शुरू हुआ था, लेकिन सरकार बदलते ही काम बंद हो गया। यहां केवल मिट्टी को समतल किया गया है और चारदीवारी बनाई है। इसके आगे योजना नहीं बढ़ी है, जबकि यहां टेरिस गार्डन की तर्ज पर उद्यान विकसित किया जाना है।

 

यह 25.39 हैक्टेयर में विकसित होना था। लोटस तालाब, हर्बल और औषधी पौधे, अर्थ माउण्ड, पाथ-वे, योग केन्द्र, बांस का जंगल, वाटर चैनल आदि प्रस्तावित है। यह 13.55 करोड़ का यह प्रोजेक्ट है।


नॉर्दन बाइपास अधूरा


चम्बल नदी (Chambal river) की डाउन स्ट्रीम पर उच्च क्षमता का नॉर्दन बाइपास का काम 2018 में ही पूरा होना था, लेकिन किसानों की अवाप्त जमीन के मुआवजे के मामले का निस्तारण नहीं होने से काम अटका पड़ा है। पूर्ववर्ती सरकार में विधानसभा चुनाव(Assembly elections ) के पहले किसानों को मुआवजे के लिए छह करोड़ की राशि विशेष रूप से स्वीकृत की थी,

 

लेकिन सरकार बदलने के बाद यह योजना ठण्डे बस्ते में चली गई है। इस कारण कांग्रेस सरकार (Congress government) में एक कदम भी काम आगे नहीं बढ़ पाया है। यह बाइपास चालू होने पर kota और bundi जिले के सैकड़ों किसान लाभान्वित होंगे। यह प्रोजेक्ट 175 करोड़ का था।