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ग्राउंड रिपोर्ट: नदी किनारे ‘गांव’ रे… फिर भी पानी की ‘प्यास’ रे, लाडपुरा में नहीं विकास की ‘छांव’ रे

जीवनदायिनी कहलाने वाली चंबल नदी के किनारे पर बसे शहर में पानी की समस्या होना हर किसी को अचरज में डाल देता है।

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कोटा

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Jyoti Kumar

Jun 02, 2023

शादाब अहमद/कोटा। जीवनदायिनी कहलाने वाली चंबल नदी के किनारे पर बसे शहर में पानी की समस्या होना हर किसी को अचरज में डाल देता है। मुझे भी यह सुनकर हैरानी हुई, लेकिन यह सच्चाई है कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के राजीव गांधी नगर व इंद्र विहार की। मुझे कोटा उत्तर की तरह दक्षिण में भी कोटा स्मार्ट सिटी मिशन और यूआईटी के बजट से भरपूर विकास कार्य हुए मिले। खासतौर पर यहां बनाया गया ऑक्सीजोन पार्क कोटावासियों के लिए विशेष सौगात है। यहां से मैं चमचमाती सडक़ और चौराहों से होकर जब राजीव गांधी नगर पहुंचा तो पानी के टैंकर खरीदने की बातें सुनने को मिली। बाहर से आए हजारों विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ पानी का इंतजाम भी अपने आप में बड़ी समस्या है।