कोटा. कोटा शहर में डेंगू व स्क्रबटायफस जानलेवा हो चुका है। कोचिंग छात्रा स्नेहा (19) की शुक्रवार को डेंगू व स्क्रब टायफस के बाद मल्टीऑर्गन फेल होने से निजी अस्पताल में मृत्यु हो गई। झारखंड में संचार निगम में अधिकारी नीलकंठ मंडल की पुत्री स्नेहा भारती जून 2022 से तलवंडी में रहकर जेईई की कोचिंग कर रही थी। 5 दिन से बीमार थी। जांच करवाई तो डेंगू पाया गया। दो दिन पहले तबीयत ज्यादा खराब होने पर इंद्रविहार के एक हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। फिजिशियन डॉ. रूपेश पंवार ने बताया कि छात्रा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया। बीपी भी डाउन था। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। स्क्रब टायफस की जांच भी पॉजिटिव आई। हार्ट, लंग व अन्य अंगों ने काम करना बंद कर दिया। शुक्रवार शाम 4.30 बजे उसकी मृत्यु हो गई। सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी ने बताया कि अस्पताल से छात्रा की मौत की सूचना मिली है। डेंगू एलाइजा की रिपोर्ट नहीं आई। स्क्रब टायफस कैसे हुआ, इसको भी दिखवा रहे हैं।
डेंगू से पांच मौत हो गई, लेकिन सरकार ने एक भी नहीं मानी
शहर में डेंगू से अब तक पांच की मौत हो गई। इनमें एक 9 साल की बालिका से लेकर 40 साल युवा तक शामिल है, लेकिन चिकित्सा विभाग ने एलाइजा पॉजिटिव नहीं होने के कारण अपनी रिपोर्ट में डेंगू से अब तक एक भी मौत नहीं मानी। जिले में स्क्रब टायफस से पीपल्दा क्षेत्र की एक महिला की मौत को माना है। महिला की मौत के सात दिन बाद ऑडिट रिपोर्ट में उसे कंफर्म किया।
डेंगू के 6 केस आए, स्क्रब टायफस का एक
कोटा में डेंगू, स्क्रब टायफस के लगातार मामले सामने आ रहे है। चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट में शुक्रवार को डेंगू के 6 व स्क्रब टायफस का 1 नया मरीज सामने आया है। तलवंडी क्षेत्र में अब तक सबसे ज्यादा 100 से अधिक डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं।
पिता बोले: बच्चों की बीमारी हल्के में न लें
स्नेहा के पिता नीलकंठ मंडल ने कहा कि सभी बच्चों और उनके पेरेंट्स से आग्रह है कि बीमारी को हल्के में न लें और तुरंत अच्छे डॉक्टर से पूरा इलाज लें, ताकि जिस तरह उन्होंने अपनी प्यारी बेटी को खोया है। किसी और माता-पिता को यह दिन देखना न पड़े।