कोटा. इजरायल (Israel) एसेंबली के कृषि विशेषज्ञ (Agriculture Expert) याइर एशेल दो दिवसीय दौरे पर कोटा पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को नांता स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सिट्रस का निरीक्षण किया। याइर एशेल ने इजराइल के प्रसिद्ध संतरे की वैरायटी श्ओरो्य के लिए कोटा की जलवायु उपयुक्त बताते हुए इसकी पौध तैयार करने व किसानों को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बताया कि इस वैरायटी के संतरे में बीज कम होते है और शुगर की मात्रा 80 प्रतिशतए टीएसएस व मिठास अच्छा होती है। उन्होंने कहा कि पौध मंगाने का प्रपोजल बनाकर दें ताकि इस किस्म की वैरायटी भारत में भी उपलब्ध कराई जा सके।
उपनिदेशक उद्यान एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के इंचार्ज राशिद खान ने बताया कि याइर एशेल ने पौध तैयार करने, ग्राफटिंग, स्प्रे करने से पहले यलो व ब्ल्यू कार्ड लगाकर स्प्रे का शेड्यूल बनाने, लोकल रूट स्ट्रोक के साथ-साथ प्रोपर इजराइल रूट स्ट्रोक चयन की सलाह दी। द्वितीय नर्सरी का निरीक्षण करने के बाद स्ट्रक्चर में बदलाव करने को कहा। ओपन मदर प्लांटेंशन में पौधों की कैसे ट्रेनिंग की जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा फ्लावरिंग हो और फलों के आकर को कैसे नियंत्रित किया जाए, इसके बारे में बताया। इस दौरान अतिरिक्त निदेशक कृषि पीके गुप्ताए डॉण् रामावतार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सेंटर ऑफ विलेज अक्सीलेंस का दौरा किया
एशेल ने कोटा जिले में चेचट के निकट इण्डो इजरायल प्रोजेक्ट के तहत पांच गांवों में बनाए गए सेंटर ऑफ विलेज एक्सीलेंस का भी दौरा किया। उन्होंने किसानों को नींबू वर्गीय फसलों के बारे में जानकारी देते हुए टेक्नॉलाजी ट्रॉसफर, उत्पादन कैसे करे, उनका न्यूट्रन मैनेजमेंट व कैनओपी मैंनेजमेंट कैसे हो और संतरे की उपज का अधिक उत्पादन कर किसान कैसे मुनाफा प्राप्त कर सकते हैंं, के बारे में बताया।