कोटा. जिले के सीमलिया थाना में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर घर में घुसकर जबरन मारपीट कर एक कारीगर का हाथ तोड़ देने का एक मामला सामने आया है। सोमवार को पीड़ित ने ग्रामीण एसपी (Rural sp) राजन दुष्यंत को परिवाद सौंपकर मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जिले के दीगोद तहसील के गांव भट्टीपुरा निवासी रामलाल ने ग्रामीण एसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि वह पेशे से कारीगर है और 14 जून 2019 को सीमलिया में मुमताज अली के घर निर्माणकार्य कर रहा था।
तभी सिमलिया थाने हेड कांस्टेबल महेंद्र चौधरी, संदीप व सुरेश मेहता पुलिस की जीप में सवार होकर आए और घर में घुस गए और गालीगलोज करने लगे। जब वो चुनाई का काम कर रहा था तो तीनों पुलिसकर्मियों ने उसे बुलाया और नाम पता पूछा और डंडे से मारपीट करने लग गए। इससे उसके बाये हाथ में फ्रेक्चर (Fracture) हो गया। इसी बीच मुमताज अली व इस्लाम अली ने आकर बीच बचाव किया और उसकी जान बचाई।
घायलावस्था में लेकर mbs hospital आए और यहां भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने जांच की ओर हाथ में फेक्चर पाया और ऑपरेशन कर रॉड डाली गई। अस्पताल से दिनांक 22 जून को छुट्टी होने के बाद वह सिमलिया थाने मुकदमा दर्ज करवाने पहुंचा लेकिन वहां से उसे भगा दिया गया। इसके बाद सोमवार को kota में अपने परिचित भाजपा नेता हरीश राठौर को पूरा घटनाक्रम बताया।
राठौर के साथ पीड़ित अपने परिजनों के साथ ग्रामीण एसपी कार्यालय पहंुचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पीड़ित ने बताया कि एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया है और वृत्ताधिकारी ग्रामीण रणविजय सिंह को जांच के आदेश दिए है।
ग्रामीण एसपी से मिलने में लग गए साढ़े तीन घंटे
पीड़ित अपनी फरियाद लेकर ग्रामीण एसपी कार्यालय सुबह 10.30 बजे ही पहंुच गया और ग्रामीण एसपी से मिलने की फरियाद लगाई। लेकिन वह ग्रामीण एसपी से नहीं मिल सका। इस दौरान कांग्रेस नेता पंकज मेहता, जिला प्रमुख आए और पौन घंटे तक एसपी कक्ष में वार्ता कर चले गए। लेकिन पीड़ित तब तक भी एसपी से नहीं मिल सका।
इस पर भाजपा नेता हरीश राठौर ने परिवाद काउंटर पर परिवाद वापिस देने को कहा और साथ ही यह कहा कि इतने लंबे समय में भी अगर ग्रामीण एसपी नहीं मिल पा रहे है तो परिवाद वापिस दे दो, हम आईजी साहब के पास चले जाते है। इसके बाद पीडित को दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीण एसपी से मिलवाया गया।