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BIG NEWS: टाइगर ‘मिर्जा’ के बाद अब ‘लाडला’ ने छोड़ी रणथम्भौर की सल्तनत, क्या बंटेगा मुकुंदरा का राज
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BIG NEWS: टाइगर ‘मिर्जा’ के बाद अब ‘लाडला’ ने छोड़ी रणथम्भौर की सल्तनत, क्या बंटेगा मुकुंदरा का राज

नोताड़ा (धरावन) पंचायत के लक्ष्मीपुरा गांव के नजदीक खेतों में गुरुवार को बाघ के ताजा पगमार्क नजर आए। केशवरायपाटन और रणथम्भौर की टीम ने सुबह आठ बजे से ही बाघ की तलाश शुरू कर दी थी।
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Zuber Khan

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Updated: 17 Jan 2019, 8:55 PM IST

बूंदी. नोताड़ा. नोताड़ा (धरावन) पंचायत के लक्ष्मीपुरा गांव के नजदीक खेतों में गुरुवार को बाघ के ताजा पगमार्क नजर आए। केशवरायपाटन और रणथम्भौर की टीम ने सुबह आठ बजे से ही बाघ की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को किए नीलगाय के शिकार के करीब उसके फिर ताजा पगमार्क मिले। टीम ने पहले ग्रामीणों से जानकारी जुटाई बाद में आस-पास के खेतों में ट्रेकिंग की। जिसमें बाघ के ताजा पगमार्क मिले। बाघ लक्ष्मीपुरा-नोताड़ा के बीच खेतों में रहा।

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आस-पास घूमने के बाद फिर से उसी जगह पर पहुंच गया जहां बुधवार को शिकार किया था। वन विभाग के सूत्रों ने पगमार्क की जांच के बाद इसे नर बाघ बताया है। जिसकी उम्र 7-8 वर्ष बताई जा रही है। बाघ टी-62 (लाडला) या टी -110 माना जा रहा है। बाघ की सुरक्षा के लिए दो दर्जन से अधिक वनकर्मी लगाए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं। गौरतलब है कि बाघ टी-62 इससे पहले भी बूंदी जिले में आ चुका है।

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पहली बार आया बाघ
नोताड़ा-लक्ष्मीपुरा क्षेत्र में बाघ पहली बार आया है। यहां चौतरफा खेत हैं। जिनमें इन दिनों सरसों की फसल है। संभवत: बाघ क्वांलजी के जंगलों से भटककर इस ओर चला आया। बाघ टी-62 बूंदी जिले की सीमा में पहले भी आ चुका, लेकिन सखावदा घाटी तक ही उसका मूवमेंट रहा।

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लगेंगे फोटोट्रेप कैमरे
बाघ की सुरक्षा और लोकेशन जानने के लिए शुक्रवार को फोटोट्रेप कैमरे लगाए जाएंगे। इससे बाघ की सही लोकेशन और नाम की जानकारी मिल सकेगी। आस-पास घना जंगल नहीं होने और करीब ही आबादी क्षेत्र होने से बाघ को यहां से ले जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


60 किमी दूर पहुंचा
अक्सर बाघ फ्लोदी रेंज तक ही रहते हैं। लक्ष्मीपुरा इस रेंज से करीब 60 किलोमीटर दूर है। वन विभाग के आला अधिकारियों ने भी स्वीकारा है कि बाघ रास्ता भटकने से यहां पहुंचा है।


सूने हुए खेत
बाघ के आने की जानकारी गांवों में पहुंचने के बाद आस-पास के खेतों में रखवाली करने जा रहे किसानों ने अब रात के वक्त रुकना बंद कर दिया।

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उधर, जरख के निकले पगमार्क
पगमार्क की तलाश में टीम रैबारपुरा गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने पगमार्क दिखाए। बाद में जब जांच की तो पगमार्क जरख के निकले। तब टीम फिर से लक्ष्मीपुरा लौट आई।


बाघ की सूचना पर यहां आए थे। एक खेत के पास बीहड़ में बाघ ने नीलगाय का शिकार कर रखा था। बाघ दूसरे दिन भी इसी के आस-पास रहा। सुरक्षा को लेकर फोटोट्रेप कैमरे लगा रहे हैं।
ओमप्रकाश कोली, रेंजर, रणथम्भौर अभयारण्य


बाघ की सुरक्षा को प्राथमिकता से लेते हुए दो रेंज के अधिकारी लगा दिए हैं। पूरी निगरानी रख रहे हैं। ग्रामीणों को भी सावचेत रहने को कह रहे हैं।
प्रहलादराय बडग़ूजर, मंडल वन अधिकारी, बूंदी

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