कोटा. वेदांग ज्योतिष अनुसंधान संस्था तलवंडी की ओर से दादाबाड़ी छोटा चौराहा क्षेत्र गौतम वाटिका में दो दिवसीय अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन शुरू हो गया। अध्यक्ष आचार्य धीरेन्द्र के सान्निध्य में आयोजित सम्मेलन में ज्योतिष की विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ शामिल हुए। उन्होंने अलग अलग विषयों पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री अनिल भाईदास पाटिल, झालावाड़ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीश अग्रवाल, आरएसी कमांडेट पवन जैन, उत्तरप्रदेश में राज्य शिक्षा सलाहकार एनसीसी डॉ. महेन्द्रनाथ राय, ऑसियन ग्रुप मुंबई के एमडी बृजेश भाई लोहिया अतिथि रहे।
आपदा प्रबंधन मंत्री पाटिल ने कहा कि ज्योतिष अच्छे-बुरे समय में मार्गदर्शन का कार्य करता है।सकारात्मक दृष्टि से इसे देखा जाना चाहिए। सही मार्गदर्शन से व्यक्ति राह से नहीं भटकता। उन्होंने कहा कि ज्योतिष के ज्ञान को सीमित नहीं रखते हुए आने वाली पीढ़ी को भी इसे सौंपें। शास्त्रों का यह ज्ञान जितना आगे बढ़ेगा, उतने ही अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। संस्था अध्यक्ष धीरेन्द्र, महामंत्री बृजराज गौतम, संयोजक मुकेश जैन व अन्य ने अतिथियों का स्वागत किया।
प्रकृति से जुड़ें, ग्रह-नक्षत्र होंगे पक्ष के
पहले ज्योतिषीय सत्र में जोधपुर की डॉ. मोनिका आर करल ने कहा कि मूल से भटकाव परेशानियों का कारण बन रहा है। हम प्रकृति से जुड़ें, संस्कृति, शास्त्रों के अनुसार चलकर ग्रह-नक्षत्रों को अपने अनुकूल बना सकते हैं। करल ने ब्रह्म मुहूर्त में उठना, चप्पल-जूतों को घर के बाहर रखना, शयन कक्ष में मुस्कुराती हुई तस्वीर समेत छोटी-छोटी बातों से ज्योतिष की गहराई को बताया।
जयपुर की आचार्य अनुपम जोली ने तनाव में कुंडली में चन्द्रमा की स्थिति व प्रभाव को बताया। जयपुर के राकेश सोनी व अमित सारस्वत ने उच्च शिक्षा के योग व प्रतियोगी परीक्षाओं मेें चयन के सम्बंन्ध में कुंडली के पंचम में गुरु, शुक्र व सूर्य की स्थिति का महत्व बताया। स्थानीय जगदीश वेदी ने गीता श्लोकों के माध्यम से ज्योतिषीय जानकारी दी। मीना जैन ने हस्त रेखाओं, मस्तिष्क, सूर्य रेखा, चन्द्र पर्वत की स्थिति से जीवन के बारे में बताया।
इन बिंदुओं पर चर्चा
वर्तमान में तनाव, कारण व निवारण, दाम्पत्य जीवन, बंधन, राजयोग, अर्थ, निवेश व अवरोध, रोग कारण व निवारण, उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षा में चयन विषय पर चर्चा हुई। शाम के सत्र में ज्योतिर्विदों ने लोगों का मार्गदर्शन किया।
ज्योतिष में भी कॅरियर, यह दूसरों की दशा सुधारने वाला
ज्योतिष सम्मेलन के दौरान महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री अनिल भाईदास पाटिल ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि जिन बच्चों को जीवन लक्ष्य का बोध हो जाता है, वे अपनी दिशा खुद तय कर लेते हैं, लेकिन ज्योतिषीय मार्गदर्शन भी दिशा दे सकता है। उन्होंने ज्योतिष में भी अच्छे कॅरियर की बात कही। इसके माध्यम से हम दूसरों को दिशा देकर उसकी दशा सुधार सकते हैं। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री अनिल पाटिल ने शनिवार को रिवरफ्रंट और ऑक्सीजोन का भ्रमण किया।