मंडला/निवास. बसनिया बांध निर्माण का मामला गरमाता जा रहा है, कुछ दिनों पहले इस गांव के साथ ही आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने इस बांध के बनने का विरोध जताया था। वहीं शुक्रवार को इस बांध निर्माण के लिए सर्वे करने पहुंची टीम के कुछ सदस्यों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। नर्मदा घाटी विकास विभाग मंडला के प्रभारी मुलचंद मरावी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्हाेंने लिखित में आश्वासन दिया कि सर्वे टीम बिना ग्राम सभा अनुमति के गांव में प्रवेश नहीं करेगी। इस दौरान थाना प्रभारी मोहगांव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया इसके बाद ग्रामीणों ने बंधक बनाए गए कर्मचारियों को छोड़ा। जानकारी अनुसार ग्राम बिलगड़ा के ग्रामीणों ने एक कर्मचारी को मशीनों की मदद से सर्वे करते देखा। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और किसके आदेश पर सर्वे कर रहे हो इसकी जानकारी मांगी। ठोस जवाब नहीं मिलने पर सर्वे टीम को पकड़कर गांव लेकर पहुंचे। आसपास के प्रभावित गांव ओढारी, चिमका टोला, दुपट्ट, रमपुरी, धनगांव आदि गांव के लोग भी सूचना मिलते ही पहुंच गए। सर्वे करने पहुंचे आनंद वर्मा ने बताया कि वे एएसआरसी कम्पनी हैदराबाद की तरफ से सर्वे कार्य करने पहुंचे हैं।
कलेक्टर को ज्ञापन
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ग्रामीणों ने शुक्रवार को ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दी गई है। जिसमें मांग की गई है कि ग्राम सभा की अनुमति के बगैर सर्वे करने को लेकर गांव में आक्रोश है। यदि कोई घटना दुर्घटना होती है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। सर्वे रोकने की मांग की गई। क्षेत्रीय विधायक डॉ अशोक मर्सकोले को भी जानकारी लगने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में बात किया।