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6 किमी का सफर, दो किमी लंबी कलश यात्रा, हजारों की संख्या में शामिल हुए भक्त

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मंदसौर.
सुवासरा विधानसभा के खेजडिय़ा गांव में 7 से 9 जून तक प्रसिद्ध बागेश्वर धाम पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन होगा। कई दिनों से कथा की तैयारियों का दौर चल रहा है। मंगलवार को कलश यात्रा निकाली गई। ६ किमी के लंबे सफर यात्रा ने तय किया। इसमें २ किमी लंबी कलश यात्रा निकली। इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग भी पूरे समय मौजूद थे। भीषण गर्मी के बीच हजारों की संख्या में महिलाएं व अन्य लोग इस यात्रा में शामिल हुए। कलश यात्रा में राष्ट्रिय संत कृष्णानंद महाराज शामिल हुए। आज धीरेंद्र शास्त्री की कथा की शुरुआत होगी। इसमें लाखों की संख्या में भीड़ के आने का अनुमान बताया जा रहा है। यात्रा में १५ से २० हजार महिलाओं के साथ अन्य लोग शामिल थे।
मंगलवार को सुबह कलश यात्रा बसई के चंबल तट से शुरू हुई। जो खेजडिया स्थित चिंताहरण हनुमान कथा स्थल तक पहुंची। कलश यात्रा में आसपास के हजारों महिला पुरुष शामिल हुए। करीब दो किलोमीटर लंबी इस कलश यात्रा महिलाए सिर पर कलश उठाकर चल रही थी। वही बैंड बाजो और ढोल ताशो की थाप पर भक्तो के जमकर नृत्य किया। कलश यात्रा में भक्तो का हुजूम उमड़ा। कथा से पहले की सीतामऊ से लेकर सुवासरा तक पूरा क्षेत्र भगवामय हो गया है। कथा स्थल पर तीन लाख श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पंडाल तैयार किया गया है। भीड़ बढऩे के दौरान पांडाल भी बढ़ाया जाएगा।
दिव्य दरबार लगेगा, कन्हैया मित्तल की भजन संध्या होगी
खेजडिया के चिंताहरण बालाजी मंदिर के निकट 7 से 9 जून तक बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। 7 जून को हनुमंत कथा की शुरुआत होगी 8 जून को दिव्य दरबार लगेगा। इसी दिन शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। इसमें प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल प्रस्तुति देंगे। 9 जून को कथा का समापन होगा।


कथा के दौरान इन मार्गो का करे उपयोग
कथा स्थल के निकट चार पार्किंग स्थल तैयार किए गए है। वही भक्तो के आएं के लिए भी अलग-अलग रूट बने है। इस रास्तों से कथा स्थल तक पंहुचा जा सकता है। ट्रैफिक जाम न हो इसके लिए अलग अलग रास्तो का उपयोग करना होगा। गरोठ-भानपुरा आने जाने के लिए डिगांव से कचनारा-कयामपुर, बसई मार्ग का ही उपयोग कर सकते है। ग्राम लदुना से बसई-सुवासरा, शामगढ-गरोठ, भानपुरा आने जाने के लिए अन्य वाहन सीतामऊ में लदुना चौराहे से डिगाओं होकर कचनारा, कयामपुर, बसई मार्ग का उपयोग कर सकते है। सीतामऊ-सुवासरा मार्ग पर टोल प्लाजा के निकट सेमलियारानी तिराहा से ग्राम लारनी तिराहा तक का मार्ग कथा श्रोताओं के अतिरिक्त अन्य सभी वाहनों के लिए प्रतिबंधित रहेगा। तो अलग-अलग जगहों पर पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।


60 बीघा में बनाया पंडाल 100 बीघा जमीन को समतल किया
जानकारी के अनुसार हनुमंत कथा में पांच लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने की संभावना है। कथा स्थल पर 60 बीघा जमीन में पंडाल लगाया तैयार किया गया है। यहां तीन डोम टेंट तैयार किए गए है। इसमें ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु बैठ सकते है वही 100 बीघा से ज्यादा जमीन को समतल कर बैठने योग्य बनाया जा रहा है जैसे जैसे भीड़ बढ़ेेगी पंडाल की संख्या भी बढ़ती जाएगी। सुवासरा, सीतामऊ व आसपास की होटलो रिसोर्ट पर भी तीन दिनों के लिए बाहर के श्रद्धालुओं ने बुकिंग करना शुरू ही गए है। कथा के दौरान 10 हजार से अधिक सेवादार भोजन पानी पांडाल पार्किंग में सेवा देंगे। वही स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों की टीम कथा स्थल पर ही मेडिकल इमरजेंसी के लिए तैयार रहेगी।