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video केरला स्टोरी में आया सनातन क्या, अब एकांत में जाकर सनातन पर किताब लिखूंगा जो देश के हर स्कूल में पहुंचाएंगे-पंडित धीरेंद्र शास्त्री

केरला स्टोरी में आया सनातन क्या, अब एकांत में जाकर सनातन पर किताब लिखूंगा जो देश के हर स्कूल में पहुंचाएंगे-पंडित धीरेंद्र शास्त्री

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मंदसौर.
जिले के खेजडिय़ा में चल रही तीन दिवसीय हनुमंत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को दिव्य दरबार पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने लगाया। शाम को फिर कथा हुई। इस दौरान उन्होंने कहाकि द केरला स्टोरी में सनातन धर्म क्या है यह वाक्य आया है। अब सनातन धर्म क्या है इसी पर किताब लिखूंगा। समाज से कुछ समय के लिए समय लेकर एकांत में जाकर सनातन को लेकर किताब लिखूंगा। जिसे देश के हर स्कूल में देश की युवा पीढ़ी तक पहुंचाएंगे। जहां वह जाने की सनातन क्या है। महिलाओं से जागरुक होने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की माताएं वीर लक्ष्मीबाई हुई है। प्रत्येक युवा को हिन्दु राष्ट्र के लिए सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का कंकड़-कंकड़ शंकर है और इसमें सनातन की आस्था है। जो हमारे माता-पिता और माथे की शोभा को खंड-खंड करेगा वह समाज को स्वीकार नहीं है। किस संत का अपमान नहीं करते है सभी संतों का वह सम्मान करते है पर संत हमारे भगवान का अपमान नहीं करें। हम अपनी पद्धति के कट्टर है। समाज से आह्वान किया मां-बाप, गुरु के प्रति कट्टर रहे। परमात्मा का अपमान मत करों हमें जागना होगा। उन्होंने कहा कि दरबार में सभी संघ, समाज, संगठन के लोग हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए एकत्रित हुए है।
दिव्य दरबार में लोगों की समस्या सुन दिया समाधान फिर लगाया प्रेत दरबार
हनुमंत कथा के दूसरे दिन बागेश्धाम सरकार के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कथा स्थल पर सुबह १० बजे दिव्य दरगार लगाया। इसके बाद प्रेत दरबार भी लगाया गया। दोपहर १ बजे तक दिव्य दरबार में आए लोगों की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उन्हें समीप बुलाया और उनकी समस्या सुनने के साथ ही उन्हें समाधान बताया। अधिकांश लोगों ने निजी व पारीवारिक कारणों की परेशानियों उनके सामने रखी। नागदा की महिला जो सिर्फ दर्शन के लिए आई थी वह भी अर्जी पर उनके पास पहुंची और उन्होंने यही लिखकर दिया। वहीं उज्जैन के अमनदीप को जब बुलाया तो वह यह सवाल मन में लिए पहुंचे कि आखिर यह कैसे संभव है। इस पर उन्होंने यह लिखकर दिया कि यह प्रश्न लेकर आए हो। इसके अलावा भी उन्होंने अन्य समस्याओं के समाधान बताए। समस्याएं सुनने के बाद जयकारों के साथ प्रेत दरबार लगाया। इसमें मंत्रों से उपचार बताया गया। इसके बाद ब्रेक हुआ और दोपहर बाद शाम ४ बजे से फिर कथा की शुरुआत हुई।
आज होगा समापन
खेजडिय़ा बालाजी मंदिर पर बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री की तीन दिवसीय कथा का आज अंतिम दिन है। दूसरे दिन दिव्य दरबार से लेकर प्रेत दरबार व शाम के समय हनुमंत कथा का आयोजन हुआ। शुक्रवार को कथा का समापन होगा। इसमें दिनभर कथा का दौर जारी रहेगा। दिव्य दरबार के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि फिर मंदसौर में पांच या सात दिन की कथा का श्रवण वह कराएंगे। अंतिम दिन यहां आने वाले लोगों की संख्या बढऩे का अनुमान है। उसी के चलते यहां व्यवस्था भी अतिरिक्त की जा रही है।