नई दिल्ली। मेडिकल कोचिंग के लिए मशहूर आकाश इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आकाश चौधरी ने बताया कि टेक्नोलॉजी के साथ बच्चे और टीचर के बीच बांडिंग बनाना बेहद जरूरी है। क्लासरूम जैसा टीचर और बच्चों के बीच फिजिकल इंटरएक्शन तो नहीं हो सकता है, लेकिन देश और दुनिया में ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिसके माध्यम से बच्चे की परेशानी को दूर किया जा सकता है। ऑनलाइन टीचिंग में पोल छोड़ने का विकल्प होता है। इसके जरिए एक-एक बच्चे का अनालाइसिस सही तरीके से होता है। फिर उनपर हम काम करते हैं । हालांकि फिजिकल क्लास वाली स्थिति ऑनलाइन में नहीं बन पाती है। इसमें समय लगेगा।
सीईओ आकाश चौधरी पत्रिका कीनोट सलोन में दर्शकों के सवालों का जवाब दे रहे थे। आकाश चौधरी ने बताया कि उनके इंस्टीट्यूट में 15 हजार बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही थी लेकिन कोविड के बाद सभी बच्चों को इस प्लेटफॉर्म पर लाना पड़ा। यहां तक पीटीएम को भी ऑनलाइन पर लेकर आए। ताकि पैरेंट्स अपने बच्चों के बारे में फीडबैक जान पाए और बच्चों को समझ पाए।