
केवड़िया/गुजरात। देश के पहले गृहमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर पीएम मोदी कल ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण करेंगे। 33 महीने में बनकर तैयार हुई इस प्रतिमा के अनावरण को लेकर सिर्फ गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे देश में बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इस प्रतिमा की खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है।
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की ऊंचाई 182 मीटर है। इसके बाद चीन की स्प्रिंग बुद्ध मंदिर (153 मीटर) दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। जापान की उशिकु दायबुत्सु (120 मीटर) और अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (93 मीटर) का नंबर है। आपको बता दें कि इस प्रतिमा को बनाने में करीब 57 लाख किलोग्राम स्ट्रक्चरल स्टील का इस्तेमाल हुआ है। साथ ही 18,500 मीट्रिक टन छड़ का इस्तेमाल किया गया है। 18 हजार 500 टन स्टील नींव में और 6,500 टन स्टील मूर्ति के ढांचे में लगी।
इसके अलावा 17 सौ टन कांसे का इस्तेमाल मूर्ति में, जबकि 1,850 टन कांसा बाहरी हिस्से में लगा। 1 लाख 80 हजार टन सीमेंट कंक्रीट का इस्तेमाल निर्माण में किया गया, जबकि 2 करोड़ 25 लाख किलोग्राम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। इस प्रतिमा को तेज भूकंप के अलावा आंधी तूफान भी नुकसान नहीं पहुंचा सकता।