मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक और तेज़ बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच, सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मंत्रालय स्थित कंट्रोल रूम में एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक का मकसद राज्य में बाढ़ और बारिश से बनी स्थिति की समीक्षा करना था।
सावधानी के तौर पर, मंत्रालय में काम कर रहे कर्मचारियों को सोमवार को शाम 4 बजे से पहले ही घर भेज दिया गया। राज्य सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही ज़िला कलेक्टरों को यह अधिकार दिया गया है कि वो स्थानीय हालात को देखते हुए मंगलवार को स्कूल बंद रखने पर निर्णय लें। यह फैसला सोमवार देर शाम तक लिया जाएगा।
भारी बारिश के बीच समुद्र में ऊंची लहरें उठने की भी संभावना है। 6:30 बजे के बाद से हाई टाइड की चेतावनी दी गई है, जो मंगलवार तक असर दिखा सकती है। राहत और बचाव कार्यों में अब सेना भी शामिल हो गई है। एनडीआरएफ की टीमों के साथ मिलकर सेना राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रही है। नांदेड ज़िले के मुखेड़ इलाके में बादल फटने की घटना के बाद पांच लोग लापता हैं। उन्हें ढूंढने और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत अभियान जारी है।
बारिश के कारण मुंबई में बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ा है। रविवार शाम चेंबूर के न्यू अशोक नगर इलाके में एमएमआरडीए द्वारा बनाई गई एक सुरक्षा दीवार ढह गई। इस हादसे में सात झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। निगम अधिकारियों ने इसके लिए लगातार हो रही बारिश को ज़िम्मेदार ठहराया है। मलबा हटाने का काम फिलहाल जारी है।
ट्रैफिक व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। अंधेरी सबवे में जलभराव के चलते दोनों लेन पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को ठाकरे ब्रिज और गोखले ब्रिज की ओर मोड़ दिया है। इसके अलावा, वाकोला ब्रिज, हयात जंक्शन और खार सबवे में भी पानी भरने की वजह से ट्रैफिक धीमा हो गया है। राज्य सरकार और प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं। आने वाले घंटों और दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए सभी ज़रूरी सेवाएं अलर्ट पर हैं।