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कृषि प्रोत्साहन राशि योजना कृषि में अध्ययनरत छात्राओं के लिए बनी सहारा…VIDEO

नागौर. सरकार की ओर से कृषि शिक्षा में लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए पंद्रह से 40 हजार तक की प्रोत्साहन राशि दे रही है। इस वजह से छात्रा वर्ग का कृषि शिक्षा के प्रति रुझान भी बढ़ा है। सहायक कृषि अनुसुधान अधिकारी प्रभु सिंह ने बताया कि इस राशि से छात्राओं को काफी संबल […]

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नागौर. सरकार की ओर से कृषि शिक्षा में लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए पंद्रह से 40 हजार तक की प्रोत्साहन राशि दे रही है। इस वजह से छात्रा वर्ग का कृषि शिक्षा के प्रति रुझान भी बढ़ा है। सहायक कृषि अनुसुधान अधिकारी प्रभु सिंह ने बताया कि इस राशि से छात्राओं को काफी संबल मिला है। यह प्रोत्साहन राशि उनको प्रावधान के तहत प्रति वर्ष देय है।

प्रश्न: कृषि प्रोत्साहन राशि योजना क्या है…?
उत्तर: कृषि प्रोत्साहन राशि योजना में सीनियर सेकेंडरी, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की छात्राओं को दी जाती है।
प्रश्न: प्रोत्साहन राशि कितनी और किस प्रकार से दी जाती है।
उत्तर: इसमें कृषि विषय में अध्ययनरत 11वीं एवं 12वीं की छात्रा को 15 हजार प्रति वर्ष देय रहती है। इसी प्रकार से कृषि स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 25 हजार की राशि प्रति वर्ष दी जाती है।
प्रश्न: कृषि विषय में सामान्य पढ़ाई के साथ ही शोधात्मक अध्ययन के लिए भी प्रोत्साहन राशि की सुविधा है क्या…?
उत्तर: कृषि विषय में पीएचडी करने के लिए भी प्रोत्साहन राशि देय का प्रावधान है। इसमें ऐसे शोधार्थी छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप प्रति वर्ष 40 हजार की राशि देय होती है।
प्रश्न: इसके प्रसार के लिए विभाग की ओर से क्या किया जा रहा है।
उत्तर: विभाग की ओर से अपने अधिकारियों के माध्यम से पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यक्रमों में योजना की जानकारी अनिवार्य रूप से विभाग की ओर से दी जाती है। इसके साथ ही अलग से ग्रामीणों के साथ बैठक आदि यानि की चौपाल के माध्यम से भी इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी जाती है।
प्रश्न: योजना से लाभान्वित होने के लिए कृषि विभाग जाना पड़ेगा या फिर कैसे आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर: योजना से लाभान्वित होने के लिए कृषि विभाग जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके लिए राज किसान साथी पोर्टल एप पर ईमित्र के माध्यम से अथवा की खुद की एसएसओआईडी से भी आवेदन किया जा सकता है।
प्रश्न: कृषि प्रोत्साहन राशि योजना में शामिल होने की पात्रताएं क्या है…?
उत्तर: कृषि से संबधित पढ़ाई करने वाले छात्राओं को प्रोत्साहन लेने के लिए राजस्थान की मूल निवासी होना जरूरी होगा। क्योंकि आवेदन करते समय, छात्राओं को अपनी अंकतालिका और राजस्थान के मूल निवासी होने का प्रमाण-पत्र अपलोड करना आवश्यक होगा। राजकीय और राज्य सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि लेने का पात्र होगा। नियम यह भी बनाया गया है कि गत वर्ष में फेल होने वाली छात्राओं को पुन: उसी कक्षा में प्रवेश लेने पर यह राशि प्राप्त नहीं होगी या फिर जिन छात्राओं ने श्रेणी सुधार के लिए उसी कक्षा में पुन: प्रवेश लिया हो तो उनको भी इस योजना में नही जोड़ा जाएगा।
प्रश्न: आवेदन में कौन-कौन से दस्तावेज होने चाहिए…?
उत्तर: प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन करते समय, छात्राओं को अपनी अंकतालिका और राजस्थान के मूल निवासी होने का प्रमाण-पत्र अपलोड करना आवश्यक होगा। इस दौरान प्रिंसिपल की ओर से एक प्रमाण पत्र अपलोड होगा जिसमें स्पष्ट किया गया होना चाहिए कि छात्रा कृषि संकाय वाले राजकीय या मान्यता प्राप्त विद्यालय में अध्ययनरत है और वह फेल नहीं हुई है। पंजीकरण के बाद संस्था प्रधान आवेदनों की जांच कर ई-सर्टिफिकेट जारी करेंगे, तभी प्रोत्साहन राशि देय होगी। संस्था प्रधान को अध्ययनरत छात्रों को प्रमाण पत्र देना होगा कि छात्रा की ओर से इस कक्षा में पुन: प्रवेश नहीं लिया है। छात्रा फेल भी नहीं होने का प्रमाण पत्र संस्था की ओर से ऑनलाइन जारी करना होगा। छात्रों को गत वर्ष की अंक तालिका, राजस्थान का मूल निवासी प्रमाण-पत्र, अध्ययनरत कक्षा एवं वर्ष का अंकन करना होगा।