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Nagaur patrika…धनतेरस के साथ ही भगवान धनवंतरि का भी होगा पूजन…VIDEO

नागौर. धनतेरस के साथ ही भगवान धनवंतरि का प्रागट्य उत्सव भी मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन आरोग्य के देवता धन्वतरि का पूजन किया जाएगा। इनकी आराधना से रोग से मुक्ति मिलती है। आयुर्वेद के जनक भी भगवान धन्वंतरि कहे जाते हैं। पंडित सुनील दाधीच ने बताया कि पंचांग के अनुसार धनत्रयोदशी यानी धनतेरस के […]

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नागौर. धनतेरस के साथ ही भगवान धनवंतरि का प्रागट्य उत्सव भी मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन आरोग्य के देवता धन्वतरि का पूजन किया जाएगा। इनकी आराधना से रोग से मुक्ति मिलती है। आयुर्वेद के जनक भी भगवान धन्वंतरि कहे जाते हैं। पंडित सुनील दाधीच ने बताया कि पंचांग के अनुसार धनत्रयोदशी यानी धनतेरस के दिन त्रिग्रही योग, त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, लक्ष्मी नारायण योग, शश महापुरुष राजयोग धाता योग, सौम्य योग आदि रहेंगे। हिंदू धर्म में धन्वंतरि को देव वैद्य कहा जाता है। कथाओं के अनुसार इनका जन्म समुद्र मंथन के दौरान धन त्रयोदशी वाले दिन हुआ था। कार्तिक कृष्ण पक्ष के द्वादशी तिथि को कामधेनु, त्रयोदशी को धन्वंतरी, चतुर्दशी को महाकाली और अमावस्या को माता लक्ष्मी समुद्र मंथन से उत्पन्न हुई थी। धन्वंतरि जी माता लक्ष्मी के भाई के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि दोनों का प्राकट्य समुद्र से हुआ है।
ऐसे करें भगवान धनवंतरि का पूजन
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष काल में धन्वंतरि जी की पूजा करनी चाहिए। इसके लिए पूजा घर में एक पाटा बिछाएं और उसमें लाल या पीला रंग का कपड़ा बिछाकर धन्वंतरि जी की मूर्ति या चित्र को स्थापित कर धनवंतरि का चित्र या छोटी मूर्ति रखें। दीया जलाने के पहले नीचे में चावल या नया धान रखें। अब तांबे के जल में रखे कलश के पानी से सभी देवी और देवताओं को आचमन करवाएं। सभी स्थापित देवी देवता का रोली कुमकुम, हल्दी, पीला चावल, फूल, दूर्वा, पान, फूल, श्री फल और नैवेद्य अर्पित कर प्रणाम करें।पूजन के दौरान नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नम: का जाप किया जा सकता है।

धनतेरस पर आज रहेगा शुभ योग
धनतेरस पर त्रिग्रही योग, त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, लक्ष्मी नारायण योग, शश महापुरुष राजयोग धाता योग, सौम्य योग कुल शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में पूजा और खरीदारी का विशेष लाभ मिलेगा। इस योग में भी पूजन एवं खरीदारी दोनों के लाभ मिल सकते हैं। पूजा का शुभ समय शाम को प्रदोष वेला वृषभ लग्न में 5 बजकर 51 मिनट से 8 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इंद्र योग को 28 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 47 मिनट से लगेगा, और 29 अक्टूबर को, सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसी तरह से त्रिपुष्कर योग 6 बजकर 51 मिनट से 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

आज खरीदारी का रहेगा यह मुहूर्त
बही खाता घरेलू उपयोग की सामग्री इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं वाहन सोना चांदी आभूषण तथा अन्य वस्तुएं धनतेरस के उपलक्ष में खरीदने वालों के लिए सुबह 10 बजकर 51 मिनट से 1 बजकर 5 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। शाम को 5 बजकर 51 मिनट से मिनट से रात्रि 9 बजे तक का समय लाभकारी रहेगा।