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ट्रेफिक जाम के साथ पार्किंग का अभाव बन रहा व्यापार में बाधक…VIDEO

आओ चलें बाजारनागौर. शहर के बाजारों में ट्रेफिक जाम एक बड़ी समस्या है। प्रमुख बाजार के तौर गांधी चौक में यह समस्या काफी विकट है। गांधी चौक से एक एक रास्ता दिल्ली दरवाजा यानि की केन्द्रीय बस स्टैंड, दूसरा सदर बाजार एवं तीसरा नकासगेट यानि की किले की ढाल बाजार से होता हुआ जाता है। […]

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आओ चलें बाजार
नागौर. शहर के बाजारों में ट्रेफिक जाम एक बड़ी समस्या है। प्रमुख बाजार के तौर गांधी चौक में यह समस्या काफी विकट है। गांधी चौक से एक एक रास्ता दिल्ली दरवाजा यानि की केन्द्रीय बस स्टैंड, दूसरा सदर बाजार एवं तीसरा नकासगेट यानि की किले की ढाल बाजार से होता हुआ जाता है। इस वजह से यहां पर ट्रेफिक भी दिन भर काफी रहता है। जाम की वजह से बाजार का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। हालांकि स्थानीय दुकानदारों ने कई बार इस समस्या को अधिकारियों के समक्ष उठाया है,लेकिन समाधान आज तक नहीं हो पाया।
गांाधी चौक में ट्रेफिक जाम की समस्या कई सालों से बनी हुई है। किले की ढाल से प्रवेश करते ही मोड़ पर हर दिन थोड़ी-थोड़ी देर में जाम लगता रहता है। ऑटो वाहनों के साथ ही अन्य हल्के भार वाहनों का आवागमन का मुख्य मार्ग है। दुकानदारों की ओर से मंगाए जाने वाले उत्पादों से भरी गाडिय़ों के अलावा भी शहर की ओर जाने वाले अन्य माललदे वाहनों के गुजरने का भी यही मुख्य रास्ता है। यहां पर दोपहर १२ बजे लेकर अपराह्न में तीन बजे काफी भीड़ रहती है। दुकानों के सामने, और इधर-उधर खड़े वाहनों के बीच दौड़ता ट्रेफिक दिन में कई बार जाम में फंसता रहता है।
दुकानदार कहिन…
ट्रेफिक जाम तो होता रहता है। ट्रेफिक जाम होने की स्थिति में व्यापार प्रभावित होता ही है। इसलिए प्रशासन को ट्रेफिक व्यवस्था के बेहतर इंतजाम करने चाहिए। ताकि शहर का ट्रेफिक दौड़ता रहे।
राजेश रावल, दुकानदार
सडक़ें अच्छी नहीं है। दिन में तो सडक़ें काफी संकरी हो जाती है। दुकानों पर आकर सामान खरीदने वालों के लिए वाहन खड़ा करना भी एक बड़ी समस्या रहती है। इस वजह से कई बार आड़े-तिरछे अंदाज में खड़े वाहन भी बड़ी समस्या बन जाते हैं।
निर्मल सोनी, दुकानदार
गांधी चौक: विशेषता
गांधी चौक बाजार में साइकिल, शूज, आलमारी, सोफा, सब्जी आदि की काफी संख्या में दुकानें हैं। यहां पर मिट्टी से लेकर पीतल एवं तांबा तक के घड़े एवं बर्तन की उपलब्धता रहती है।