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Nagaur patrika…कंडक्टर- चालक बसों पर ड्यूटी करने की जगह बने बाबू…VIDEO
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Nagaur patrika…कंडक्टर- चालक बसों पर ड्यूटी करने की जगह बने बाबू…VIDEO

नागौर. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के नागौर आगार में चालक-परिचालक बसों में ड्यूटी करने की जगह बाबू बना दिए गए हैं। इनको रोडवेज के आफिसों में लंबे समय से लगा रखा गया है। जबकि जयपुर मुख्यालय की ओर से स्पष्ट रूप से दिशा-निर्देश दे रखें हैं कि मूल पदानुसार ही काम कराया जाना चाहिए। […]

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नागौर. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के नागौर आगार में चालक-परिचालक बसों में ड्यूटी करने की जगह बाबू बना दिए गए हैं। इनको रोडवेज के आफिसों में लंबे समय से लगा रखा गया है। जबकि जयपुर मुख्यालय की ओर से स्पष्ट रूप से दिशा-निर्देश दे रखें हैं कि मूल पदानुसार ही काम कराया जाना चाहिए। इसके बाद भी नागौर आगार में चालक एवं परिचालक मिलाकर कुल ३५ कार्मिक पदों के विपरीत काम कर रहे हैं।
मुख्यालय के निर्देश तार-तार
रोडवेज के अधिकारी खुद ही रोडवेज के ताबूत में कील ठोकने में लगे हुए हैं। इसकी वजह से रोडवेज के राजस्व घाटे का आंकड़ा बढऩे लगा है। नागौर आगार से वर्तमान में ६४ गाडिय़ों का संचालन हो रहा है। इसमें शिड्यूल के हिसाब से चालक एवं परिचालकों की ड्यूटी लगाई जाती है। मुख्यालय की ओर से लिखित रूप से निर्देश जारी हुआ था कि सभी से फील्ड ड्यूटी यानि की बसों पर ड्यूटियां कराई जानी चाहिए, लेकिन नागौर आगार में मुख्यालय के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए इनको रोडवेज बस स्टैंड स्थित अपने विभिन्न आफिसों में लगा रखा है।
प्रावधानों की पालना नहीं होने से राजस्व प्रभावित
विभागीय जानकारों के अनुसार नागौर आगार में कुल १८ परिचालक एवं १९ चालकों को योग्यता के विपरीत होने के साथ ही पद के अनुरूप काम नहीं कराने के चलते राजस्व घाटे का आंकड़ा बढऩे लगा है। बताते हैं कि इसके पूर्व गाडिय़ों का कुल ७०-८० शिड्यूल में संचालन होता था, लेकिन अब यह संख्या ६०-६१ शिड्यूल पर ही सिमटकर रह गई। जबकि पूर्व में ज्यादा शिड्यूल होने के कारण राजस्व भी १२-१३ लाख रुपए आते थे। अब रोजाना का राजस्व लगभग नौ से दस लाख तक होकर रह गया है।
मेडिकल अनफिट होने के साथ ही मुख्यालय से लेनी पड़ती है अनुमति
रोडवेज के प्रावधानों के अनुसार चालक एवं परिचालकों से मूल पदों के प्रतिकूल काम तभी लिया जा सकता है,जब यह मेडिकली अनफिट हों। इसका सत्यापन मेडिकल बोर्ड की ओर से कराने के साथ ही जयपुर मुख्यालय से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन वर्तमान में स्थानीय स्तर पर इन प्रावधानों के खिलाफ काम किए जाने से स्थिति विकट होने लगी है।
एक नजर इस पर…
रोडवेज के अनुबंधित गाडिय़ों की संख्या-२४
रोडवेज के गाडिय़ों की संख्या-४०
पद विपरीत कार्यरत परिचालकों की संख्या-१८
पद के विपरीत कार्यरत चालकों की कुल संख्या-१९
इनका कहना है…
पदों के प्रतिकूल यदि चालक एवं परिचालक काम कर रहे हैं तो फिर इसकी जांच करा ली जाएगी। इस संबंध में विभागीय प्रावधानों के अनुसार कार्य करने के निर्देश हैं। मुख्यालय के निर्देशों के पालना के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पुर्षोत्तमलाल शर्मा, निदेशक, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम
पदों के प्रतिकूल काम करने के बारे में मुझे कुछ भी नहीं कहना है।
मुकुन सिंह, मुख्य प्रबंधक, नागौर आगार