नागौर. शहर की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। रोजाना किसी न किसी क्षेत्र में ’’घंटों तक अघोषित कटौती हो रही है। जिससे आम जनता की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि बिजली विभाग के अधिकारी भी फोन जल्दी नहीं उठाते, अगर गलती से कॉल उठा लिया तो केवल इतना बताया जाता है कि तकनीकी फॉल्ट हो गया है। इस प्रकार की लापरवाही और खराब प्रबंधन के चलते पूरे शहर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठप सी नजर आ रही है। शहर में गुरुवार को ब्रह्मपुरी, किले की ढाल और सदर बाजार में आज पांच से छह घंटे अघोषित कटौती रही। सुबह से ही इन क्षेत्रों के निवासियों को अंधेरे में रहना पड़ा। दुकानदारों को अपने व्यवसायिक काम में परेशानी हुई तो वहीं घरेलू कामकाज प्रभावित हुआ। लोग पंखे, टेबल लाइट और अन्य आवश्यक उपकरणों का उपयोग नहीं कर पाए। शाम को स्थिति और गंभीर हो गई। सदर बाजार और किले की ढाल में बिजली न होने के कारण लोगों को मोबाइल की रोशनी में ही खरीदारी करनी पड़ी। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस दौरान सबसे अधिक परेशान हुए। लोग परेशान होकर विभाग से शिकायत करने का प्रयास करते रहे, लेकिन लंबी इंतजार सूची और अधिकारी की अनमनी प्रतिक्रिया के कारण किसी तरह राहत नहीं मिल पाई।
व्यापारिक गतिविधि प्रभावित
बिजली कटौती के कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा हैए बल्कि व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। दुकानदार और ग्राहक दोनों ही परेशान नजर आए। सरकारी और निजी कार्यालयों में भी कामकाज बाधित हुआ। ऐसे हालात में शहरवासियों का गुस्सा और नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
सूचना ही नहीं देते
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जब शहर में अघोषित कटौती होती है तो बिजली विभाग की तरफ से कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती है। जिससे लोग आवश्यक तैयारी नहीं कर पाते। कुछ लोग विभाग के उच्च अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की कोशिश करते हैं, लेकिन तकनीकी फॉल्ट का बहाना देकर कोई समाधान नहीं दिया जाता।