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Nagaur patrika…20 दिन बाद भरेगा रामदेव पशु मेला, सोया पशुपालन विभाग, मेला मैदान एवं इसके आसपास हालत खराब…VIDEO

नागौर. रामदेव पशु मेला शुरू होने में अब केवल 20 दिन का समय शेष रह गया है। इसके बाद भी पशु मेला मैदान को अब तक व्यवस्थित नहीं किया जा सका। इसके चलते मानासर चौराहा की ओर से आने वाले रास्तों से मेला मैदान के मुख्य गेट के पास ही कई जगहों पर मैदान न […]

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नागौर. रामदेव पशु मेला शुरू होने में अब केवल 20 दिन का समय शेष रह गया है। इसके बाद भी पशु मेला मैदान को अब तक व्यवस्थित नहीं किया जा सका। इसके चलते मानासर चौराहा की ओर से आने वाले रास्तों से मेला मैदान के मुख्य गेट के पास ही कई जगहों पर मैदान न केवल अभी तक असमतल की स्थिति में है, बल्कि कुछ जगहों पर बिखरी गंदगी के ढेर एवं इनके अवशेष मेला प्रशासन की तैयारियों को खुद-ब-खुद बताते हुए नजर आ रहे हैं। विशेष जोधपुर रोड की ओर रास्ते से प्रवेश करने पर अभी हर जगह हालत खराब है। न गोवंश के ठहरने वाले स्थान सही किए गए जा सके हैं, और ही घोड़ों एवं ऊंटों की जगह को सही कराया गया है।
तैयारियां ही शुरू नहीं की
रामदेव पशु मेला का आगाज होने में अब महज चंद दिन शेष रह गए हैं। इसके बाद भी मेला प्रशास की ओर से पशु मेला मैदान केा व्यवस्थित करने की कवायद शुरू नहीं की गई है। हालांकि पांच दिन पूर्व पशु मेला मैदान में कुछ जगहों पर सफाई जरूर शुरू हुई थी, लेकिन यह केवल एक दिन होने के बाद बंद कर दी गई। सफाई शुरू हुई तो लोगों लगा कि पूरा मेला परिसर व्यवस्थित किया जाएगा, इसे व्यवस्थित करने के लिए अब तक कवायद ही शुरू नहीं की गई।
आंखों देखा हाल: पड़ताल
पशु मेला मैदान में गुरुवार को हुई पड़ताल में सामने आया कि मेला मैदान में मुख्य गेट से लेकर इसके दाहिनी एवं बांयी ओर स्टॉले लगने वाले स्थान पूरी तरह से अव्यवस्थित है। कुछ जगहों पर यह पूरी जमीन असमतल हो चुकी है, विशेषकर दुकानों वाली जगह को पूरी तरह से सपाट होना चाहिए था। इसकी स्थिति भी बेहद खराब मिली। मुख्य मेला मैदान में पशुओं के पीने वाली जगह पानी की खेली में भी धूल, मिट्टी के साथ गंदगी बिखरी मिली। पानी की खेली से आगे बढऩे पर जोधपुर रोड के रास्ते सटी जमीन की हालत बेहद ज्यादा खराब मिली। यहां पर कुछ जगहों पर हल्के छोटे मिट्टी के पहाड़ बने हुए हैं। इससे महज दस मीटर की दूरी पर भारी मात्रा में अलग-अलग जगहों पर गंदगी पड़ी हुई है। इसकी वजह से आसपास भी दुर्गन्ध बनी रहती है। दुर्गन्ध के चलते यहां पर खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। इसके बाद मेला में आने वाले गोवंश ठहरने वाले स्थान पर पहुंचे तो यहां पर भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। पूरे पशु मेला मैदान की स्थिति देखने से साफ नजर आ रहा था कि पशु मेला को लेकर अभी मेला प्रशासन की ओर से कोई तैयारियां शुरू नहीं की गई।
इसकी हालत और भी ज्यादा खराब
मुख्य मेला मैदान के दूसरी ओर पशु मेला मैदान का घोड़ों के ठहरने वाले स्थान की हालत तो बेहद खस्ता मिली। यहां पहुंचने के रास्तों में ही कई जगहों पर गडढ़ों के साथ ही गंदगी की वजह से यह पूरा हिस्सा अघोषित कचरा डिपो के तौर पर नजर आया। इसमें कुछ स्थान तो ठीक थे, लेकिन ज्यादातर जगहों पर असमतल जमीन के साथ ही खराब रास्तों से पशु मेला प्रशासन की तैयारियों की स्थिति स्पष्ट तौर पर नजर आई।
इनका कहना है…
पशु मेला मैदान शुरू होने के पूर्व सारी व्यवस्थाएं सही करा ली जाएगी। पशुओं के ठहरने वाले स्थलों की साफ-सफाई के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।
डॉ. महेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक पशुपालन