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सडक़ें टूटी, बिना बिल बिक रहे सामान, लावारिश पशु, पार्किंग की जगह नहीं, कैसे करें व्यापार…VIDEO

नागौर. राजस्थान पत्रिका की ओर से आओ चले बाजार अभियान के तहत चल रहे कार्यक्रमों की शृंखला में शुक्रवार को इलेक्ट्रानिक उत्पादों के व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी शिवबाड़ी स्थित मंदिर में एकत्रित हुए। मौका पत्रिका एवं इलेक्ट्रानिक्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में व्यापार करने में आ रही मुश्किलों पर मंथन करने का। टॉक शो के […]

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नागौर. राजस्थान पत्रिका की ओर से आओ चले बाजार अभियान के तहत चल रहे कार्यक्रमों की शृंखला में शुक्रवार को इलेक्ट्रानिक उत्पादों के व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी शिवबाड़ी स्थित मंदिर में एकत्रित हुए। मौका पत्रिका एवं इलेक्ट्रानिक्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में व्यापार करने में आ रही मुश्किलों पर मंथन करने का। टॉक शो के दौरान चार प्रमुख बिंदु उभरकर सामने आए। जिसमें खराब सडक़ें, सडक़ों पर भटकते लावारिश पशु, दुकानों पर खरीदारी करने आने वाले वाहनों का चालान करना आदि रहा। इसमें एक और बिंदु प्रमुख रूप से सामने आया कि ऑनलाइन शापिंग ने भी इनके व्यवसाय को प्रभावित किया है। इसके साथ दिल्ली दरवाजा एवं बस स्टैंड के आसपास बिना रसीद इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की बिक्री होना। व्यवसायियों का कहना था कि बिना जीएसटी चुकाए माल की बिक्री करने में उत्पादों की दर सस्ती हो जाती है,जबकि जीएसटी सहित बिक्री करने पर मूल्य राशि में बढ़ोत्तरी हो जाती है। ऐसे में ग्राहक फिर खरीदारी के लिए बाजार में आता तो है, लेकिन बिना रसीद लिए ही उत्पाद खरीदकर चला जाता है। इसकी वजह से न केवल सरकार को प्रतिदिन लाखों के राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि इलेक्ट्रानिक्स का कानूनी तरीके से व्यवसाय कर रहे लोगों का व्यापार भी खराब हो रहा है। इस पर अविलंब कार्रवाई करने की जरूरत है, नहीं तो हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाएंगे।
व्यापारियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही, फिर कैसे बढ़े कारोबार
टॉक शो में राजकुमार कच्छावा, आनंद अग्रवाल, सुभाष पालडिय़ा आदि ने कहा कि यूं तो सरकार के मुखिया राज्य में निवेश कराने के लिए विदेशों तक जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर व्यवसायियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही है। आज हालात इतने खराब है कि शहर के लगभग सभी प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर लावारिश पशु लोगों के लिए हादसे का सबब बन रहे हैं। सडक़ों की हालत इतनी ज्यादा खराब है कि उन पर वाहन चालकों के साथ ही प ैदल राहगीरों तक का सफर करना मुश्किल हो गया है। कार्यक्रम के संयोजक राजेश रावल ने कहा कि व्यापारियों की सुनवाई ही नहीं हो रही है। जबकि उन लोगों की ओर से प्रत्येक उत्पाद पर सरकार को राजस्व मिल रहा है। इसके बाद भी हालात यह हैं कि हम अपनी समस्या को लेकर कहीं जा ही नहीं सकते हैं, क्यों कि हमारी तो सुनवाई करने वाले जिम्मेदार ही बेपरवाह बने हुए हैं। जबकि सरकार के मुखिया एक राज्य से दूसरे राज्यों के साथ विदेशों तक में प्रदेश में व्यवसायियों से निवेश कराने के लिए भ्रमण करते हैं। यहां पर तो चिराग तले अंधेरा वाली कहावत पूरी तरह से चरित्रार्थ हो रही है।
टाक शो में बोले व्यापारी…
बिना जीएसटी के सामानों की बिक्री शहर में कई जगहों पर होती है। इस पर रोक लगनी चाहिए। इसके साथ ही लावारिश पशुओं की वजह से भी हादसे हो रहे हैं। इसका समाधान होना चाहिए। इसके लिए विभाग को इमानदारी से कार्रवाई करने की आवश्यकता है, नहीं तो फिर व्यवसाय और भी प्रभावित होगा।
रमेश सोनी, इलेक्ट्रानिक व्यवसायी
बुनियादी सुविधाएं तो बेहतर होनी चाहिए, लेकिन कारोबार को और बेहतर करना है तो फिर समग्र समस्याओं का समाधान होना चाहिए। सुविधाओं के नाम पर मिलता कुछ भी नहीं है। स्थिति यह है कि दुकानों के सामने खड़ी गाडिय़ों का चालान तक कर दिया जाता है।
विमलेश समदडिय़ा, इलेक्ट्रानिक व्यवसायी
ऑनलाइन शापिंग में कई खामियां हैं। ज्यादातर मामलों में पुराने उत्पादों को नए सिरे से ऑनलाइन शापिंग में बिक्री कर दी जाती है। आम खरीदार नहीं समझ पाता है। इसके साथ ही जीएसटी के प्रावधानों की भी पालना नहीं हो रही है। कई जगहों पर इसका कोई असर भी नहीं है। कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थिति यह है बाजारों में बिना सामान बेचे जा रहे हैं, और जिम्मेदार विभाग सो रहा है। शहर के प्रमुख बाजारों में न तो बेहतर सडक़ें हैं, और न ही पार्किंग की कोई व्यवस्था, अब ऐसे में व्यापार कैसे चलेगा।
राजेश रावल, इलेक्ट्रानिक व्यवसायी
चाहिए
शुभम, इलेक्ट्रानिक व्यवसायी
आनलाइन शापिंग की जगह ऑफलाइन शापिंग करने की लोग आदत डाले नहीं तो नुकसान खरीदने वाले को ही उठाना पड़ेगा। इसके साथ ही सडक़, बिजली एवं सफाई की स्थिति भी बेहत