-बाजारों में रही चहल-पहल, मंदिरों में चलती रही तैयारियां
नागौर. शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से हो जाएगी। इसको लेकर मंदिरों में तैयारियां देर शाम तक चलती रही। मंदिरों की साफ-सफाई के साथ ही फूलों की झालरों से कई जगहों पर सजाया गया है। शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री के रूप में शृंगार किया जाएगा। देवी के भक्त उपवास भी रखेंगे। बाजारों में चहल-पहल रही।
कलश स्थापना के मुहूर्त
नवरात्रि की कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। एक मुहूर्त सुबह और दूसरा मुहूर्त दोपहर के समय में है। पहला मुहूर्त में सुबह शुभ चौघडिय़ा में 6 बजकर 32 मिनट से 8 बजे तक रहेगा। द्विस्वभाव लग्न अनुसार घट स्थापना के लिए सुबह कन्या लग्न 6 बजकर 32 मिनट से 7 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। सुबह घटस्थापना के लिए 1 घंटा 28 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा। जो लोग सुबह में कलश स्थापना करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय ठीक है। नवरात्रि के घटस्थापना के लिए दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर में है। यह अभिजीत मुहूर्त है। इसे कलश स्थापना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही इस समय द्विस्वभाव धनु लग्न भी उपलब्ध रहेगी। दोपहर में 12 बजकर 1 निमट से देापहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दौरान घट स्थापना की जा सकती है। घट स्थापना के लिए मध्यान्ह काल के बाद का समय उचित नहीं माना जाता है।
नवरात्रि में किस दिन, किस स्वरूप की होगी पूजा
3 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा
4 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
5 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा की पूजा
6 अक्टूबर को मां कूष्मांडा की पूजा
7 अक्टूबर को मां स्कंदमाता की पूजा
8 अक्टूबर को मां कात्यायनी की पूजा
9 अक्टूबर को मां कालरात्रि की पूजा
10 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा
11 अक्टूबर को मां महागौरी की पूजा
12 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा)
शहर में सजेंगे मां दुर्गा के पंडाल
शारदीय नवरात्रि शुरू होने के साथ ही घरों एवं मंदिरों में घट स्थाना की जाएगी। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमा भी विराजित कराई जाएगी। इन पंडालों में नवरात्रि के दौरान विविध धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन होंगे।