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नागौर

किसी ने बजाई बीन तो किसी ने नृत्य कर करवाया सरकार का ध्यानाकर्षित

नागौर जिलेभर के भूमिहीन घुम्मकड़ परिवारों ने सोमवार को बीन बजाकर, कालबेलिया नृत्य सहित अपने पुस्तैनी काम-काज का प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित करवाया है। बड़ी तादाद में कालबेलिया सहित घुम्मकड़ परिवारों ने सरकार से आवासीय भूमि देने की मांग की।

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-घुम्मकड़ परिवारों ने जिला कलक्टर से लगाई आवासीय पट्टे देने की गुहार

-कहा नहीं मिल रहा प्रधानमंत्री आवासीय योजना का लाभ

-दर्जनों गांवों के कालबेलिया सहित घुम्मकड़ परिवार सरकारी सुविधाओं से महरूम

नागौर- खींवसर. खींवसर सहित जिलेभर के भूमिहीन घुम्मकड़ परिवारों ने सोमवार को बीन बजाकर, कालबेलिया नृत्य सहित अपने पुस्तैनी काम-काज का प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित करवाया है। बड़ी तादाद में कालबेलिया सहित घुम्मकड़ परिवारों ने सरकार से आवासीय भूमि देने की मांग की। साथ ही भूमिहीन होने के कारण सरकार की महत्वपूर्ण आवास योजना से भी खुद को महरूम बताया। घुमन्तु, अद्र्ध घुमन्तु एवं विमुक्त घुमन्तु, अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ विकास एवं सेवा समिति के जिलाध्यक्ष भंवरनाथ चौहान के नेतृत्व में काफी गांवों से आए घुम्मकड़ परिवारों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर आवासीय भूमि उपलब्ध करवाने की मांग की।

उन्होंने कलक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि कालबेलिया समाज अनुसूचित जाति का भूमिहीन घुम्मकड़ परिवार है। समाज के लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र सहित विविध प्रमाण पत्र बने हुए है फिर भी परिवार खुली जगह, कच्ची झोंपड़ी, कच्चा मकान बनाकर अस्थाई निवास कर रहे हैं। स्वयं की भूमि नहीं होने के कारण कच्ची झोंपड़ी व कच्चे मकान में बिजली -पानी के कनेक्शन ले नहीं पा रहे हैं। ऐसे में अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है। बच्चे भी शिक्षा से दूर है। सिर पर ढोकर दूर से पानी लाना पड़ता है। भूमिहीन होने के कारण उनके प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान नहीं बन रहे हैं। उन्होंने घुमन्तु परिवारों को उनके गांव में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर बने कच्चे झोंपडिय़ों व मकानों के पट्टे जारी किए हैं।

इन परिवारों ने लगाई गुहार

जिलाध्यक्ष भंवरनाथ ने बताया कि चातरा मांजरा में धन्नानाथ सहित चार परिवार ३० वर्षों से निवास कर रहे हैं। इन्हें अभी तक आवासीय पट्टे नहीं मिले है। इसी प्रकार भदाणा के राणानाथ कालबेलिया के ४ परिवार करीब ३० वर्षों से निवास कर रहे हैं। गोगेलाव के सूरमनाथ कालबेलिया के चार परिवार करीब ५० वर्षों से निवास कर रहे है। चक घिसनियाडेर की मैना कालबेलिया के ४ परिवार करीब ३० वर्षों से निवास कर रहे हैं। श्रीबालाजी के बाबूनाथ कालबेलिया के ९ परिवार करीब ४० वर्षों से निवास कर रहे है। बड़ली के श्यामनाथ कालबेलिया के १५ परिवार करीब ७० वर्षों से निवास कर रहे है। बालवा रोड के भंवरनाथ कालबेलिया के ७ परिवार जो करीब २० वर्षों से निवास कर रहे है पर इन परिवारों को आज तक जमीन के पट्टे नहीं दिए गए हैं। ऐसे में यह परिवार सरकार की सभी सुविधाओं से वंचित है।