
– नगरपरिषद आयुक्त ने मारपीट करने और राजकार्य में बाधा पहुंचाने की पुलिस थाने में सौंपी रिपोर्ट
– तहसीलदार, सीआई व आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
कुचामनसिटी. सफाईकर्मियों की हड़ताल के बाद शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगरपरिषद प्रशासन ने मंगलवार को मनरेगा श्रमिकों को इस काम में लगाया तो सफाईकर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट कर दी। मनरेगा श्रमिक पुराने बस स्टैंड पर सफाई कर रहे थे। नगरपरिषद आयुक्त पिंटूलाल जाट ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस थाने में रिपोर्ट सौंपी।
जानकारी के अनुसार सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण मंगलवार को मनरेगा सुपरविजन रायसिंह व जेटीए ओमप्रकाश लोरा व रोजगार सहायक संतोष के नेतृत्व में मनरेगा श्रमिकों से शहर के पुराने बस स्टैंड पर सफाई करवाई जा रही थी। इस दौरान हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी रैली निकाल रहे थे। बस स्टैंड पर रैली के पहुंचने पर सफाई कर रहे मनरेगा श्रमिकों का विरोध किया। रैली में शामिल लोगों ने विरोध करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। बाद में सफाई कर रहे कुछ मनरेगा श्रमिकों से मारपीट कर दी। मनरेगा महिला कर्मचारियों के कपड़े फाड़ दिए। श्रमिकों को दूर तक दौड़ाते हुए मारपीट करते रहे। इस दौरान ओमप्रकाश गोरा व मैट संतोष सहित अन्य नरेगा कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर स्थित दुकानों में छिपकर अपनी जान बचाई। एक महिला श्रमिक का हमलावरों ने मंगलसूत्र तोड़ लिया बताया। आयुक्त ने इस संबंध में सफाई श्रमिक संघ अध्यक्ष, संरक्षक, उपाध्यक्ष सहित अन्य सफाई कर्मचारियों के खिलाफ लिखित रिपोर्ट सौंपी। जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
200 रुपए के खातिर इज्जत नहीं गवाएंगे, हमें न्याय चाहिए
मनरेगा श्रमिकों ने बताया कि नगरपरिषद के आदेश पर वह सुबह साढे 8 बजे से ही पुराने बस स्टैंड सहित आस-पास के स्थान पर सफाई कार्य शुरू किया था। करीब 2 घंटे बाद यानी साढे 10 बजे सफाई कर्मचारियों ने रैली का आयोजन किया। इस दौरान महिलाओं ने अपने हाथ में झाडू खड़ी कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इधर, मारपीट में घायल मनरेगा श्रमिकों ने कहा कि वे मजदूरी करने आए थे। उनके साथ मारपीट की गई। ऐसे में आरोपियों पर ठोस कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं होने पर मजदूर काम नहीं कर सकेंगे। अपनी पीड़ा सुनाते मनरेगा श्रमिकों की रुलाई फूट पड़ी।
नहीं ली रैली निकालने की अनुमति
जानकार सूत्रों ने बताया कि सफाई कर्मचारियों ने शहर में रैली निकालने की प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली। मामला बढने पर लोगों ने बीच-बचावा किया। तहसीलदार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से रैली निकालने की अनुमति मांगी, लेकिन वे इस दौरान भी तहसीलदार से बहस करते रहे। तब थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने समझाइश की।
इनका कहना…
नगरपरिषद आयुक्त ने नरेगा श्रमिकों के साथ मारपीट करने व राजकार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट पेश की थी, जिसकी जांच शुरू कर दी। दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
सुरेश कुमार चौधरी, थानाधिकारी, कुचामन सिटी