नागौर. हल्की रिमझिम बारिश की बूंदों ने सडक़ों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के लगभग ज्यादातर इलाकों में खराब सडक़ों एवं आवासीय क्षेत्रों के क्षतिग्रस्त हो चुके मार्गों में भरे, पानी के चलते सफर करना मुश्किल हो गया है। ऐसा कोई छोर शहर में नहीं बचा है, जहां पर सडक़ें खराब न हो। ऐसी सडक़ों पर भरे पानी के कारण हालात बेहद ही गंभीर हेाने के लगे हैं। इसके चलते कई जगहों पर हल्के स्तर के हादसे भी होने लगे हैं, लेकिन इसके बाद भी शहर की सरकार सो रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खराब सडक़ों की हालत को लेकर जहां जिम्मेदारों की बेफिक्री से हैरान हैं, वहीं ऑटो रिक्शा यूनियन ने भी बैठकर जिम्मेदारों को चेतावनी दी है।
नगरपरिषद की बेफिक्री की वजह से सडक़ों की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। अब रही-सही कसर हल्के स्तर पर हुई बरसात ने पूरी कर दी है। इसकी वजह से सडक़ों पर सुरक्षित हालात में सफर करना मुश्किल होने लगा है। इस संबंध में शहर के ज्यादातर इलाकों के क्षे्रत्रवासी अपनी पीड़ा नगरपरिषद के सभापति एवं आयुक्त को लिखकर जता चुके हैं। इसके बाद भी शहर की सरकार व अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
संत बलरामदास शास्त्री विद्यालय…
शहर के संत बलरामदास शास्त्री विद्यालय के सामने से सलेऊ रोड, शारदापुरम सहित कई गांवों की ओर जाने का रास्ता है। इस पूरी सडक़ पर गड्ढे हो रखे हैं। यहां पर हल्की बारिश में ही पानी भर जाता है। वर्तमान में स्थिति यह हो गई है कि इस सडक़ से कोई वाहन गुजर ही नहीं सकता है, गुजरा तो फिर हादसा भी हो सकता है।
सोनी की बाड़ी….
इस क्षेत्र में तीन निजी हॉस्पिटल हैं। यहां पर इलाज के लिए आने वालों की संख्या कम नहीं है, लेकिन यहां के सडक़ों की हालत बेहद खराब है। यहां पर एक सडक़ तो प्रतापसागर कॉलोनी को जोड़ती है, दूसरी सडक़ सुगन सिंह सर्किल एवं पुराना हॉस्पिटल की ओर जाती है। दोनों ही मार्गों पर हल्की बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है।
राठौड़ी कुआं-माही दरवाजा
राठौड़ी कुआं से माही दरवाजा की ओर जाने वाली सडक़ पर कई जगह छोटे, बड़े गड्ढे हैं। जरा सी बारिश हुई तो यहां से पानी भी नहीं निकल पाता है। इसकी वजह से इस माह ही अब तक चार बाइक सवार जख्मी हो चुके हैं।
राठौड़ी कुआं विद्यालय के पास
राठौड़ी कुआं विद्यालय के निकट सडक़ के बीचों-बीच एक नहीं, आधा दर्जन से ज्यादा गड्ढे हो चुके हैं। यहां पर भी जरा सी बरसात हुई तो पैदल राहगीरों के लिए गुजरना मुश्किल हो जाता है।
त्यागी मार्केट-शारदापुरम
त्यागी मार्केट से शारदापुरम रेाड में जाने पर बीच सडक़ पर गड्ढों कीं संख्या ही नहीं गिनी जा सकती है। छोटे गड्ढ़े तो कई है, लेकिन बड़े गड्ढों की संख्या भी कम नहीं है। पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों का सफर यहां संकटपूर्ण हो जाता है।
नया दरवाजा से दरगाह रोड
नया दरवाजा से सूफी साहब की दरगाह, बंशीवाला मंदिर, गांधी चौक, कलक्ट्रेट सहित कई रास्ते जाते हैं। इस पूरी सडक़ के महज पांच सौ मीटर के हिस्से में ही गड्ढों के साथ ही कई जगहों पर सडक़ बीच से फट चुकी है। गड्ढों के साथ ही बिखरे कंक्रीट राह में मुश्किल कर रहे हैं।
आवाम परेशान, सो रहे जिम्मेदार
शहर का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है, जहां पर सडक़ों की हालत अच्छी हो। हर जगह गड्ढे हैं। ऐसे में अभी तक तेज बारिश नहीं हुई, अगर हो गई तो फिर इस शहर का क्या होगा। यह सोचने के लिए जिम्मेदार तैयार ही नहीं हैं। समझ में नहीं आता है कि अधिकारियों को क्या हो गया है।
लालसिंह भाटी,
जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो
सुगन सिंह सर्किल से लेकर बंशीवाला मंदिर, गांधी चौक, दिल्ली दरवाजा एवं पुराना बस स्टैंड आदि कहीं भी जाने पर सडक़ की खराब हालत खुद ही दिख जाती है। इसकी वजह से भी हादसे होते हैं। इनके जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मोना सेन, करणी कॉलोनी
स्वायत्त शासन मंत्री को दिया ज्ञापन
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को भी ज्ञापन देकर अवैध पट्टों की जांच करने, खराब सडक़ों की हालत, अंगोर भूमि पर जारी पट्टों के निरस्तीकरण और स्ट्रीट लाइट खरीद में अनियमिताओं समेत विभिन्न कार्यों की जांच की मांग की गई। इस दौरान राकेश सैन एवं पार्षद मनीष कच्छावा आदि मौजूद थे।
खराब सडक़ों को दुरुस्त न करने पर दी आंदोलन की चेतावनी
नागौर. ऑटो रिक्शा चालक यूनियन की मानासर चौराहा स्थित पशु प्रदर्शनी स्थल में रविवार को बैठक हुई। इसमें अध्यक्ष रूपसिंह पंवार की अध्यक्षता में यूनियन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने खराब सडक़ों पर चिंता व्यक्त की।