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गुरु पूर्णिमा पर हुए विविध आयोजन, शिष्यो ने पूजन कर लिया गुरुजनों का आशीर्वाद

नागौर. गुरु पूर्णिमा के अवसर विविध कार्यक्रम हुए। शिष्यों ने गुरुओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान विहिप की ओर से जैन समाज की साध्वी मृगावती, अमितमाला महाराज, महंत जानकीदास, रामपोल महंत मुरलीराम महराज, शाहपुरा रामद्वारा के संत भागीरथराम शास्त्री, जड़ा तालाब स्थित संत रवि गिरी महराज, करणी कॉलोनी में संत श्यामदास महाराज, […]

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नागौर. गुरु पूर्णिमा के अवसर विविध कार्यक्रम हुए। शिष्यों ने गुरुओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान विहिप की ओर से जैन समाज की साध्वी मृगावती, अमितमाला महाराज, महंत जानकीदास, रामपोल महंत मुरलीराम महराज, शाहपुरा रामद्वारा के संत भागीरथराम शास्त्री, जड़ा तालाब स्थित संत रवि गिरी महराज, करणी कॉलोनी में संत श्यामदास महाराज, संत चरणदास महाराज, संत सागर बापू महाराज, स्वामी हरिनारायण शास्त्री, साध्वी सीताबाई, संत राजाराम महाराज, संत कोजाराम महाराज, संत सर्वेश्वर महाराज, योगी स्वरूपनाथ महाराज, साध्वी ओमाबाई, संत टीकमदास महाराज, लक्ष्मीनारायण दास महाराज, सुखीबाई, मोहनराम बैरागी, संत बन्नाराम महाराज, संत गणेशनाथ महाराज, गोचिकित्सालय के स्वामी कुशालगिरी महाराज आदि को श्रीफल देकर उनका सम्मान करने के साथ ही आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान विहिप के जिलाध्यक्ष रामेश्वर सारस्वत, परिषद के प्रांत सत्संग प्रमुख पुखराज सांखला, जिला मंत्री मेघराज राव, सह मंत्री रामनिवास झाड़वाल, परिषद की उपाध्यक्ष प्रवीण बांठिया, कोषाध्यक्ष गणेश त्रिवेदी, बजरंग दल के अनिल खदाव, युवराज सैनी, मातृ शक्ति की जिला संयोजिका अनुपमा उपाध्याय सहसंयोजिका बबीता बेनीवाल, अजय शर्मा, दुर्गाराम प्रजापत आदि शामिल थे।
शिष्य की अज्ञानता को गुरु का प्रकाश दूर कर देता है
नागौर. कनक आराधना भवन में चल रहे प्रवचन में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। खरतरगच्छ जैन साध्वी मृगावती ने कहा कि जीवन के अंधकार को दूर करने वाला गुरु ही श्रेष्ठ होता है। अपने ज्ञान से शिष्य को ज्ञान से परिपूर्ण करने वाला ही गुरु होता है। गुरु के बिना जीवन का कोई मोल नहीं होता है। उन्होंने कहा कि एक बल्ब दूसरे बल्ब को नहीं जला सकता है, लेकिन एक दीपक अपने प्रकाश से दूसरे दीपक को प्रकाशित कर सकता है। गुरु भी इस तरह से होता है। इसलिए गुरु को दीपक की संज्ञा दी गई है। इस दौरान जैन साध्वी मृगावती ने मांगलिक सुनाया। संघ के प्रदीप डागा ने बताया कि आषाड़ पूर्णिमा से शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान का ५५ दिनों तक मंत्र जाप किया जाएगा। इसके लिए आराधना भवन में ही शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान का मंदिर बनाया गया है। गौतम स्वामी के २८ लब्धि होने की वजह से २८ दिनों तक एकासना भी होगा। इस दौरान गुुरु पूर्णिमा पर आधारित नाटक एवं गीत आदि की प्रस्तुति की गई। दोपहर में नौ छतरियां दावावाड़ी में दा गुरु देव की पूजा की गई। इस दौरान संघ के अध्यक्ष गौतम कोठारी, चिराग खजांची, पूजा कुशल, खरतरगच्छ संघ के संरक्षक केवलचंद डागा, प्यारे लाल बोथरा, केवलराज बच्छावत,विकास बोथरा, देवीलाल खजांची आदि मौजूद थे।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन
नागौर. आर्य समाज पतंजलि योग समिति एवं आर्यसमाज के संयुक्त तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हवन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुए हवन से वातावरण बदला सा रहा। इस दौरान प्रधान सीताराम तांडी, महेन्द्र सोनी, घनश्याम सोनी, मोहनलाल पंवार, रामकुमार चौधरी, पवन जोशी, नरेन्द्र सोनी, वासुदेव अग्रवाल, राजू सोनी आदि मौजूद थे।

सिखवाल ब्राह्मण समाज ने निकाली शोभायात्रा
नागौर. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को सिखवाल ब्राह्मण समाज वंश प्रवर्तक महर्षि शृंग का जन्म उत्सव शृंग जयंती के रूप में मनाया गया। बाहेतियों की गली स्थित सिखवाल भवन में हुए कार्यक्रम में गणपति का पहले रिद्धि, सिद्धि सहित पूजन किया गया। इसके साथ ही महर्षि शृंग का विश्ेाष पूजन किया गया। इस मौके पर गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। झांकियों से सजी शोभायात्रा बाठडिय़ों का चौक, सोनीवाड़ा, बिस्सो का चौक, भूरावाड़ी, मिश्रावाड़ी होते हुए बंशीवाला मंदिर पहुंची। इस दौरान नवयुवक मंडल की ओर से सिर पर मोर धारण करने के साथ ही विशेष नृत्य किया गया। इसके बाद शोभायात्रा मच्छियों का चौक, भंडारियों की गली एवं सभा मंदिर होते हुए वापस सिखवाल भवन पहुंची। यहां पर महर्षि शृंग की हुई आरती में श्रद्धालु उमड़े। इस मौके पर हुए कार्यक्रम में समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। इसमें मोनिका तिवाड़ी, भावना तिवाड़ी, गिरिराज सिखवाल, कीर्ति सिखवाल, अश्विनी सिखवाल, महावीर तिवाड़ी एवं करण सिखवाल सहित कुल ५२ प्रतिभाएं सम्मानित हुई। आयुर्वेद विभाग के पूर्व उपनिदेशक वासुदेव सिखवाल ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला। संचालन नारायण सिखवाल ने किया।
गुरु पूर्णिमा पर सुंदरकाण्ड पाठ
नागौर. गुरू पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को नया दरवाजा स्थित हनुमान मंदिर में सुंदरकाण्ड पाठ किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं के गुरु के रूप में हनुमान का पूजन किया। इसके पश्चात हनुमान एवं रामायण की आरती की गई। इस दौरान नेमीचंद मित्तल, सुरेश बिश्नोई, मनोज कुमार व्यास, पन्नालाल लोहिया, गंगाधर सोनी आदि मौजूद थे।
नागौर. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को हुए कार्यक्रम में बालाजी सेवाधाम के पीठाधीश्वर महंत बजरंगदास महाराज ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कि गुरु वैसे तो 24 प्रकार के होते हैं, लेकिन उनमे से तीन गुरु सबसे बड़े महत्तवपूर्ण होते हैं। पुरोहित, माता-पिता, और दीक्षा गुरु होते हैं। सांसारिक जीवन का उद्धार बिना गुरु की कृपा के कदापि नहीं हो सकता है। इस दौरान शिष्यों ने बजरंगदास महाराज का पूजन कर उनसे आशीर्वाद लिया।