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VIDEO…बिजली खपत में नागौर डिवीजन जिले में अन्य डिवीजनों पर भारी

नागौर. जिले में घोषित एवं अघोषित कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने गत वर्ष की अपेक्षा इस साल जुलाई माह में बिजली का 13.96 प्रतिशत लोड बढ़ा दिया है। इस माह यानि की जुलाई की अवधि में उपभोक्ता पिछले साल के जुलाई माह की अपेक्षा अब तक 2 करोड़ 42 लाख 38 हजार यूनिट का अधिक […]

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नागौर. जिले में घोषित एवं अघोषित कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने गत वर्ष की अपेक्षा इस साल जुलाई माह में बिजली का 13.96 प्रतिशत लोड बढ़ा दिया है। इस माह यानि की जुलाई की अवधि में उपभोक्ता पिछले साल के जुलाई माह की अपेक्षा अब तक 2 करोड़ 42 लाख 38 हजार यूनिट का अधिक उपभोग कर चुके है। परेशान उपभोक्ताओं का मानना है कि बत्ती कब गुल हो जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं रहता है। दिन में एक नहीं, अब कई बार जाने लगी है। इस संबंध में डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि बढ़े हुए लोड की वजह से भी ट्रिपिंग आदि के मामले हो जाते हैं। इसे फिर से व्यवस्थित करने में भी समय लगता है। इसके साथ ही अक्सर बढ़े हुए लोड को डिवाइड करने के लिए भी विभाग शटडाउन भी लेना पड़ता है। इस वजह से उपभोक्ताओं को मुश्किलें तो होती है, लेकिन यह तकनीकी पहलू है।
कटौती से ग्रामीण एवं शहरी, दोनो परेशान
भीषण गर्मी के दौरान उपभोक्ता पूरे समय अघोषित बिजली कटौती के साथ ही कुछ जगहों पर लो-वोल्टेज की समस्या से ज्यादतर पीडि़त ही रहे। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर आम को घंटों बिजली के अभाव में गर्मी में भट्टी की तरह दहकना पड़ा। अभी कटौती की स्थिति कई जगहों पर चल रही है। जिला मुख्यालय नागौर के साथ ही मूण्डवा, मेड़ता ग्रामीण, भैरूंदा, रोल, गोटन, सांजू एवं रियाबड़ी सरीखे डिवीजनों में शहरी और ग्रामीण, दोनो ही क्षेत्रों के उपभोक्ता अघोषित व घोषित कटौती की मार से परेशान चल रहे हैं। उपभोक्ताओं का मानना है कि गर्मी तो हर साल आती है, लेकिन तैयारियों के नाम पर होती खानापूर्ति का खामियाजा आम को झेलना पड़ता है।
गर्मी में बिजली की बढ़ती खपत ने बढ़ाई टेंशन
डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में पंखे, कूलर के साथ ही एयरकंडीशन आदि संसाधनों के इस्तेमाल से बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। पहले तो लोग पंखों से काम चला लेते थे, लेकिन अब तो ज्यादातर जगहों पर एयरकंडीशन एवं भारी-भरकम कूलर के उपयोग की वजह से सामान्य दिनों की अपेक्षा गर्मी में बिजली की खपत प्रति यूनिट बढ़ जाती है। इस बार तो बिजली की रिकार्ड खपत इस वर्ष हुई है। अचानक बढ़े हुए लोड का पूरा प्रभाव बिजली की वितरण व्यवस्था पर सीधा पड़ता है। इसके चलते अक्सर ज्यादा लोड बढऩे की वजह से ट्रिपिंग आदि की समस्याएं भी पिछले की अपेक्षा डेढ़ गुना ज्यादा बढ़ी है। यह स्थित तब है, जबकि गत वर्ष के अप्रैल माह से अब तक जिले में 1500 ट्रांसफार्मरों को बदलने के साथ ही ही कई जगहों पर बिजली के तार आदि भी लगाए गए।
वर्ष 2023 में जुलाई माह एवं वर्ष 2024 के जुलाई में बिजली यूनिट उपभोग की स्थिति पर एक नजर (यूनिट लाखों में)

सब-डिवीजन वर्ष 2023 यूनिट वर्ष 2024 यूनिट बढ़ा औसत
नागौर शहर 57.33 74.42 29.80
नागौर गा्रमीण 110.84 123.54 11.46
मूण्डवा 243.16 320.75 31.91
खींवसर 471.91 529.87 12.28
मेड़ता शहर 69.23 73.18 5.71
मेड़ता ग्रामीण 150.03 185.61 23.71
गोटन 192.34 182.32 -5.21
रियाबड़ी 64.50 77.42 20.03
डेगाना 44.08 58.18 32.01
भैरूंदा 61.24 86.25 40.84
सांजू 86.75 101.33 16.81
जायल 184.34 203.05 9.85


डिस्कॉम के अनुसार जिले के डिवीजनों में नागौर डिवीजन में सर्वाधक बिजली की खपत इस माह भी यानि की जुलाई माह में अब तक हुई है। इस डिवीजन में गत वर्ष 2023 जुलाई माह में 883 लाख 25 हजार यूनिट का कुल उपभोग हुआ था, लेकिन इस वर्ष जुलाई महीने में उपभोक्ता अब तक 1024 लाख 74 हजार यूनिट बिजली का उपभोग कर चुके हैं। इस तरह से पिछले साल के जुलाई माह की अपेक्षा इस वर्ष के जुलाई माह में 141 लाख 49 हजार यूनिट की खपत बढ़ी है। दूसरे नंबर पर डेगाना डिवीजन रहा। इसने इस वर्ष के जुलाई माह में 53 लाख 70 हजार यूनिट बिजली की खपत अधिक की है। मेड़ता डिवीजन बिजली खपत के मामले में तीसरे नंबर पर रहा है। इसने गत वर्ष के जुलाई माह की अपेक्षा इस साल के जुलाई माह में अब तक 28 लाख 98 हजार यूनिट बिजली की अधिक खपत की है। इस तरह से गत वर्ष जहां जुलाई माह में 1736.26 लाख यूनिट का जिले में उपभोक्ताओं ने उपभोग किया था, वहीं इस बार जुलाई माह में 1978.64 लाख यूनिट का उपभोग किया जा चुका है। यानि की पिछले साल के जुलाई माह की अपेक्षा इस माह की जुलाई में अब तक 242.38 लाख यूनिट का उपभोग ज्यादा किया जा चुका है।
इनका कहना है…
जिले में बिजली की बढ़ती खपत की वजह से लोड काफी बढ़ा है। बढ़े हुए लोड की वजह से कई बार स्थिति अव्यवस्थित हुई है। इसको व्यवस्थित करने के लिए लोड को व्यवस्थित करना पड़ता है। इसके लिए शटडाउन लेना पड़ता है। बढ़े हुए लोड के साथ ही हांफ रहे डेढ़ हजार बिजली के ट्रांसफार्मरों को जिले में बदला चुका है। वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई है।
एफ. आर. मीणा, अधीक्षण अभियंता अजमेर डिस्कॉम-नागौर