
– डांगा व बेनिवाल में चली शब्दों की तकरार
-बेनिवाल बोले अशिक्षितों का नहीं करे निर्वाचन
-डांगा के बोल विकास के लिए शिक्षा से अधिक ज्ञान का जरूरी
-सीमेन्ट प्लांट भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों का भारी विरोध
खींवसर (नागौर.)सीमेन्ट प्लांट के लिए प्रस्तावित लाइम स्टोन माइनिंग परियोजना को लेकर पर्यावरण स्वीकृति के लिए मंगलवार को ताडावास गांव में हुई लोक सुनवाई में ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप था कि यहां कि गोचर भूमि की एवज में कम्पनी ने भोजास गांव के धोरों की जमीन ली है। ऐसे में ५० किलोमीटर दूर यहां का पशुधन कैसे जाएगा। वहां घास नहीं है तो पशु क्या खाएंगे। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनके पूर्वजों ने बड़ी मुश्किल से अंगोर व गोचर की जमीन को बचाया है। इस तरह जमीन कम्पनी को जमीन नहीं हथियाने देंगे। किसानों ने कम्पनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लोक सुनवाई में पहुंचे जनप्रतिनिधि भी किसान हितों की बात करआपस में उलझ पड़े। मामला बढ़ता देख एक बारगी तो कम्पनी एवं प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। जनसुनवाई में खासकर तालाब अंगोर के रख रखाव एवं गोचर भूमि को बचाने पर फोकस किया गया। इस दौरान युवाओं ने कम्पनी को रोजगार का प्रस्तावित खाका बताने को कहा। युवाओं ने कहा कि कम्पनी में लगने वाले सारे कार्मिक गांव के होने की बात रखी। उन्हें पहले गांव में आईटी सेन्टर खोलकर प्रशिक्षित किया जाए। युवाओं ने कहा कि जमीन कोडिय़ों के भाव में कम्पनी को नहीं देंगे। इसके लिए आन्दोलन करना हुआ तो करेंगे। मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों सहित कम्पनी के प्रतिनिधियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। ग्रामीणों का आरोप था कि कम्पनी के मालिकों ने उच्च स्तर पर सरकार से सांठ गांठ कर सीमेन्ट प्लांट लगाना तय किया है, जबकि ग्रामीणों के भले बूरे पर चर्चा तक नहीं की।
ग्रामीणों के साथ प्रशासन को भी किया गुमराह
ग्रामीणों ने सीमेन्टकम्पनियों के प्रतिनिधियों पर ग्रामीणों व प्रशासन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां तालाब को सूखा बताकर दस किलोमीटर दूर से पानी लाने की बात कही है, जो एकदम निराधार है। ओमप्रकाश ताडा ने कहा कि हमारे गांव का तालाब लबालब है। कम्पनी ने इसे बिना अंगोर का सूखा बताया है,जबकि यहां प्रतिवर्ष 200 एमएम बारिश होती है। अभिनव राजस्थान पार्टी के डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि कम्पनी ने यहां की उपजाऊ जमीन को बंजर बताया है। यहां की गौचर भूमि की एवज में ५० किलोमीटर दूर भोजास गांव में रेतीले धोरे खरीदें है। वहां यहां का पशुधन कैसे चरने जाएगा। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रजोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सहित अतिरिक्त जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर, उपखण्ड अधिकारी हरीसिंह शेखावत, तहसीलदार महेन्द्रसिंह मुवाल, थानाधिकारी मुकेश कुमार वर्मा सहित राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। लोकसुनवाई में किसी प्रकार की अशांति नहीं हो इसके लिए भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।
राजनीतिक मंच नहीं बने आन्दोलन
किसानों ने कहा कि यह उनके हितों से जुड़ाआन्दोलन है, इसमें राजनीति नहीं हो। गांव के प्रत्येक वार्ड से जागरूक लोगों की एक टीम बनाकर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कम्पनी के साथ बैठकर वार्ता की जाए, ताकि कोई शांतिप्रिय रास्ता निकले तथा किसानों को उनका हक मिले। किसानों ने कहा कि सभी पार्टियों के नेता इसे राजनीतिक आन्दोलन नहीं बनाए। इस दौरान भाजपा नेता रेवन्तरामडांगा ने कहा कि किसानों को उनकी जमीन का हक एवं उनके आवश्यकता पूर्ति के लिए वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे तथा किसानों के लिए वो कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ेंगे। इस दौरान भाजपा ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री राजेन्द्र जांगिड़ ने कहा कि कम्पनी अपनी गलतियां सुधारे नहीं तो वो जमकर विरोध करेंगे। कम्पनियों की लूट खसोट नहीं होने देंगे।
स्वस्थ नहीं रहे तो किस काम के प्लांट-डूडी
भामाशाह भागीरथ डूडी ने कहा कि कम्पनी का प्लांट स्थापित करने से पहले किसानों के हकों का पूरा ध्यान दें। खासकर पर्यावरण का कम्पनी विशेष ख्याल करे अगर पर्यावरण प्रदूषित हुआ ओर ग्रामीण बीमार हो गए तो उन्हें कम्पनी को क्या फायदा। इस दौरान पूर्व विधायक नारायण बेनिवाल ने कहा कि कम्पनी ने परियोजना के नाम पर ग्रामीणों का भला करने की बात कह रही है। जबकि धरातल पर किसानों को लूटा जा रहा है। कम्पनी पहले अपनी गलतियां सुधारे नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसान अगर जमीन नहीं बेचना चाहे तो कम्पनी की हिम्मत नहीं है कि वो जबरदस्ती जमीन ले ले। किसान जमीन देना चाहते हैं तो वो कम्पनी के साथ बैठकर उचित रास्ता निकाले। उन्होंने कहा कि कम्पनी झूठे आंकड़े दिखाकर किसानों को गुमराह कर रही है।
आमने-सामने हो गए डांगा और बेनिवाल
इस दौरान दो बार भाजपा नेता रेवन्तरामडांगा एवं पूर्व विधायक नारायण बेनिवाल आमने-सामने हो गए। एक बारगी तो मामला बहुत ज्यादा बढ़ गया, लेकिन पुलिस एवं समर्थकों ने शांत किया। बेनिवाल ने सम्बोधन में कहा कि अशिक्षित लोगों का निर्वाचन नहीं करें, उन्हें कोई ज्ञान नहीं है। ऐसे में वो किसी का भला नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने चिल्लम पीने वाले कहकर टिप्पणी की तो मामला बढ़ गया। बाद में भाजपा नेता डांगा ने कहा कि केवल पढ़े लिखे होने से कुछ नहीं होता है ज्ञान होना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने पूर्व विधायक रामदेव बेनिवाल का जिक्र भी किया। डांगा ने कहा कि लम्बे समय से ओछी राजनीति चल रही है, अब ऐसा नहीं चलेगा।