
बाजारों के साथ ही हाइवे एवं आवासीय क्षेत्रों में इनकी बढ़ती संख्या ने स्थिति विकट कर दी
नागौर….शहर की सडक़ों पर भटकती गायें अब शहर के रास्ते रोकने लगी हैं। मुख्य बाजारों के साथ ही हाइवे एवं आवासीय क्षेत्रों में इनकी बढ़ती संख्या ने स्थिति विकट कर दी है। पिछले कुछ समय से सडक़ों पर इनकी संख्या में अप्रत्याशित रूप से हुई वृद्धि की पड़ताल की गई तो पता चला कि इन गायों का दूध निकालने के बाद पशुपालक सडक़ों पर छोड़ रहे हैं, ताकि दिनभर चारा-पानी नहीं देना पड़े। इसमें घरेलू स्तर के साथ ही व्यवसायिक स्तर पर पालन करने वाले पशुपालक भी शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर की सडक़ों पर हष्ट-पुष्ट गायों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले कुछ जगहों पर नजर आने वाली यह गायें अब शहर के नया दरवाजा, सलेऊ रोड, स्टेशन रोड, रामपोल, किले की ढाल, सदर बाजार, गांधी चौक, तहसील चौक, ए रोड, बी रोड, दरगाह रोड, दिल्ली दरवाजा, केन्द्रीय बस स्टैंड, मूण्डवा चौराहा, कॉलेज रोड, बीकानेर रोड, मानासर चौराहा एवं जोधपुर रोड पर काफी संख्या में नजर आने लगी हैं।
खुद का बचा रहे चारा, कर रहे शहर को परेशान
इसकी छानबीन की गई तो सामने आया कि दुग्ध का कारोबार करने वाले व्यवसायियों ने बचत का नया तरीका तलाश लिया है। इसमें यह व्यवसायी सुबह गायों को दुहने के बाद खुला छोड़ देते हैं और शाम दुहने के बाद फिर से वही प्रक्रिया दोहराते हैं। इसकी वजह से शहरवासियों को भले ही परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन इनकी जेब पर भार कम पड़ रहा है। इसके चलते अब सडक़ों पर लोगों के साथ ही गायें भी यहां-वहां बैठने के साथ लोगों की भीड़ में शामिल होकर यातायात व्यवस्था में बाधक बन रही हैं।