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वीडियो : हरवक्त चर्चा में रहने वाले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने नागौर में मांगी माफी, जानिए क्यों
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वीडियो : हरवक्त चर्चा में रहने वाले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने नागौर में मांगी माफी, जानिए क्यों

माली समाज के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा ने कार्यक्रम में नहीं आने पर जताई नाराजगी, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने आज यहां नागौर में पर्यावरण संगोष्ठी एवं प्रतिभा प्रोत्साहन मेले का उद्घाटन किया।
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नागौर. अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले प्रदेश के ​शिक्षा एवं पंचायतीराज विभाग मंत्री मदन दिलावर रविवार को नागौर में मंच से माफी मांगते नजर आए। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कार्यक्रम तय करने के बावजूद ताऊसर की गोशाला नहीं पहुंचने पर माली समाज के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा ने नाराजगी जताई, जिस पर मंत्री ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था।

दरअसल, मंत्री दिलावर का रविवार सुबह ताऊसर की गोशाला व सैनिक क्षत्रीय माली समाज संस्थान में स्वागत व नाश्ते का कार्यक्रम था, लेकिन मंत्री गोशाला नहीं पहुंचे। इस पर कृपाराम देवड़ा ने उनके पीछे जाकर नारजगी जाहिर की, जिसके बाद मंत्री कुछ देर के लिए माली समाज भवन पहुंचे। इसके बाद बड़ली पहुंचे, लेकिन वहां भीड़ नहीं होने पर मंत्री गुड़ला चौराहा के पास महावीर गोशाला पहुंच गए। इसके बाद बड़ली में जब स्कूल का कार्यक्रम चल रहा था तो माली समाज अध्यक्ष देवड़ा ने मंच से गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके यहां के कार्यक्रम उन्होंने नहीं, बल्कि मंत्री के ओएसडी ने तय किए थे। ओएसडी के कहने पर ही उन्होंने 500-1000 लोगों को एकत्र किया, लेकिन मंत्री आधे रास्ते में जाकर वापस आ गए। देवड़ा ने कहा कि वे पैदा ही भाजपा में हुए हैं और चुनाव में भाजपा को वोट भी अच्छे दिलवाते हैं, इसके बावजूद उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार क्यों किया गया। इस दौरान नीचे बैठे कुछ लोगों ने देवड़ा को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे बोलते रहे। इसके बाद मंत्री दिलावर ने जब कार्यक्रम को संबोधित किया तो अंत में देवड़ा से माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी और न ही उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना था, इसलिए मैं माफी चाहता हूं।

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने किया गौशाला का निरीक्षण

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नागौर पहुंचे। दिलावर यहां विभिन्न कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए। मंत्री दिलावर ने नागौर के प्रवास के दौरान सर्वप्रथम सुबह गुड़लारोड़ स्थित महावीर गो सेवा समिति द्वारा संचालित गोशाला का निरीक्षण किया। इस अवसर पर दिलावर ने गोशाला की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। तथा गायो के भोजन प्रबंध एवं स्वास्थ्य जांच को लेकर संचालक टीम से चर्चा की। मंत्री दिलावर ने हरिण के एक नवजात शिशु को गोद में लेकर उसे दुलार भी किया। इसके बाद राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बड़ली पहुंचने पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का स्वागत किया गया। जानकारी के अनुसार बड़ली का यह विद्यालय प्राथमिक से उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत हुआ है। विद्यालय क्रमोन्नत होने पर शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर का अभिनंदन किया गया।

इस दौरान नवक्रमोन्नत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ली में पत्रकारों को संबोधित करते शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री दिलावर ने कहा कि हमने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए परीक्षा व्यवस्था में अनेक कदम उठाए हैं। जिससे विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का अनुकूल परिणाम प्राप्त हो और वे अपने परिणाम से पूर्णतः संतुष्ट हो। इसके लिए री- टोटलिंग के साथ री-चेकिंग की व्यवस्था प्रारंभ कर रहे है। साथ ही परीक्षा में प्रश्न पत्र खंडवार अलग अलग बनवाने की व्यवस्था शुरू कर रहे है, जिससे कि पेपर आउट होने की संभावना नहीं रहे।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मंत्री दिलावर ने कहा कि हमने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए परीक्षा व्यवस्था में अनेक कदम उठाए हैं। जिससे विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का अनुकूल परिणाम प्राप्त होगा और वे अपने परिणाम से पूर्णतः संतुष्ट भी होंगे। इसके लिए री- टोटलिंग के साथ री-चेकिंग की व्यवस्था प्रारंभ कर रहे है।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज शिक्षा का बड़ा महत्व है, लेकिन इसके साथ ही बच्चों को संस्कार देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा देवत्त्व की ओर ले जाती है। विधार्थी परिवार व विद्यालय से संस्कार युक्त शिक्षा प्राप्त करते हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन को लेकर कहा कि रीट परीक्षा का सफल आयोजन के बाद समस्त बोर्ड परीक्षाओं का सफल आयोजन करवाया जाएगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 7 करोड़ पौधरोपण किया गया। इस बार प्रति व्यक्ति पेड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार स्कूलों में प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम सौ पौधे लगाने का टारगेट दिया जाएगा। और साथ ही स्कूल स्टाफ व सरकारी कर्मचारियों से भी पौधरोपण करवाया जाएगा। कार्यक्रम में उन्होंने पॉलिथीन के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव बताते हुए पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने गंदगी व पॉलीथिन को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार द्वारा गांव गांव में बर्तन भण्डार बनाकर पॉलीथिन के उपयोग को रोका जा सकता है।

ये रहे उपस्थित

पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया, पद्मश्री हिम्मताराम भांबू, जिला प्रमुख भागीरथ चौधरी, जगबीर छाबा, भोजराज सारस्वत, नगरपरिषद सभापति मीतू बोथरा, समाजसेवी कृपाराम देवड़ा सहित गणमान्य नागरिक व शिक्षा विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण आज की महती आवश्यकता, पॉलिथीन का उपयोग ना करें- मंत्री मदन दिलावर

नागौर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने आज यहां नागौर में पर्यावरण संगोष्ठी एवं प्रतिभा प्रोत्साहन मेले का उद्घाटन किया। सेठ किशन लाल कांकरिया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मैदान में आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए शिक्षा एवं पंचायत मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की महत्ती आवश्यकता है। ये तभी संभव है जब हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाए। और पर्यावरण प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है गंदगी। जिसको रोका जा सकता है परंतु हमारे विलासिता पूर्ण जीवनचार्य तथा लापरवाही के कारण हम स्वयं नित्य प्रतिदिन पर्यावरण में गंदगी फैलाकर प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं।

दिलावर ने कहा कि हम छोटी-छोटी दैनिक आदतों पर नियंत्रण करें तो हम पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहला काम यह करना होगा कि पॉलीथिन के उपयोग को पूरी तरह छोड़ना होगा। पॉलिथीन की बजाय हम कपड़े से बनी थैली का प्रयोग करे तो गंदगी को काफी हद तक रोक सकते है। इसके अलावा डिस्पोजल आईटम के बजाय स्टील की थाली,ग्लास और अन्य बर्तन का उपयोग करे।इसके लिए सरकार पंचायतों को बर्तन बैंक बनाने के लिए एक लाख रुपए भी दे रही है। आपसी सहयोग से भी बर्तन बैंक बनकर उनका संचालन किया जा सकता है। इस अवसर पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री दिलावर ने सभा में उपस्थित लोगों से हाथ खड़े कराकर भविष्य में पॉलिथीन का उपयोग न करने की शपथ भी दिलाई। इसके बाद मंत्री ने क्रीड़ा भारती की खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।