1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर

वीडियो में दे​खिए : मंद पड़ा आरओबी निर्माण का काम, दो-चार मजदूर कर रहे काम, शहरवासियों का टूट रहा सब्र

इस महीने पूरा करना था काम, लेकिन अभी दो महीने से अधिक काम बकाया - ठेकेदार के गर्डर तैयार, लेकिन रेलवे से नहीं मिला ब्लॉक, पिछले 7 साल से परेशान हैं शहरवासी

Google source verification

नागौर. नागौर शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-89 पर किलोमीटर 165/500 पर स्थित एलसी-61 (बीकानेर फाटक) पर निर्माणाधीन दो लेन आरओबी का काम एक बार फिर धीमा पड़ गया है। जब से फाटक बंद हुई है, तब से शहरवासियों के लिए रेलवे पटरियों का पार करना किसी युद्ध से कम नहीं है, दुपहिया वाहन चालक रेलवे के नाले से निकल रहे हैं तो बड़े वाहन पटरियों के पास बनाए गए कच्चे व ऊबड़-खाबड़ रास्ते से निकल रहे हैं, जिसमें जगह-जगह डेढ़ से दो फीट के गड्ढ़े बन गए हैं।

पुराने ठेकेदार मैसर्स गुरुनानक इंजीनियरंग सर्विस, फरीदाबाद की ओर से काम नहीं कर पाने पर विभाग ने उसका ठेका निरस्त कर गत वर्ष नए ठेकेदार को आरओबी का अधूरा काम पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे बचा हुआ लगभग 35 फीसदी काम जून 2024 तक पूरा करना था। जून माह के मात्र पांच दिन बचे हैं और काम कम से कम दो महीने का। ऐसे में शहरवासियों के शहरवासियों का सब्र टूट रहा है। पिछले सात साल से शहरवासी इस उम्मीद में परेशानी झेल रहे हैं कि आरओबी बनने के बाद फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, लेकिन यह इंतजार अब और लम्बा होता नजर आ रहा है, जबकि केन्द्र एवं राज्य में डबल इंजन सरकार है।

गौरतलब है कि सात साल पहले रेलवे फाटक एलसी-61 पर ईपीसी मोड पर आरओबी का निर्माण कराने के लिए एनएच ने टेंडर प्रक्रिया अपनाने के बाद हरियाणा की फर्म मैसर्स गुरुनानक इंजीनियरंग सर्विस, फरीदाबाद को 16.72 करोड़ रुपए का कार्यादेश जारी किया था। इस कार्य की निर्धारित प्रारम्भ तिथि 15 जून 2017 तथा पूर्णता तिथि 14 दिसम्बर 2018 थी, लेकिन उसने जब काम नहीं किया तो ठेकेदार के कार्य का अनुबंध 9 फरवरी 2023 को निरस्त कर दिया था तथा दूसरे ठेकेदार को 9.56 करोड़ का ठेका दिया, लेकिन होली के बाद नया ठेकेदार भी धीरे-धीरे काम कर रहा है। शहरवासियों का कहना है कि जब तक रेलवे से ब्लॉक नहीं मिलता, तब तक डामरीकरण का काम किया जा सकता है।

बीकानेर फाटक का आरओबी

बजट स्वीकृत – 25.74 करोड़

टेंडर हुआ – 19.37 करोड़

आरओबी की लम्बाई – 1063 मीटर

शिलान्यास – मई, 2017

काम शुरू किया – सितम्बर 2017

काम पूरा करना था – 14 दिसम्बर 2018

वर्तमान स्थिति – रेलवे पटरियों के ऊपर स्टील के गर्डर रखने के साथ पूरे आरओबी पर डामरीकरण का काम अधूरा है।

रेलवे से ब्लॉक मिलने में हो रही देरी

आरओबी का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए रेलवे पटरियों पर स्टील के गर्डर रखने हैं, जिसके लिए एनएच ने रेलवे को काफी दिन पहले पत्र लिख दिया, लेकिन अब तक ब्लॉक मिला नहीं है। हालांकि ठेकेदार ने स्टील के गर्डर मंगवाकर तैयार कर लिए हैं। एनएच के एक्सईएन दीपक परिहार ने बताया कि ब्लॉक लेने के लिए उन्होंने जोधपुर रेलवे को पत्र लिखा था, जिस पर जोधपुर रेलवे की ओर से जयपुर भेजा गया, लेकिन जयपुर रेलवे ने नए फॉर्मेट में प्रस्ताव मांगा है, जो आज-कल में भेज दिया जाएगा। परिहार ने बताया कि वे लगातार फॉलोअप कर रहे हैं।

जल्द से जल्द पूरा करवाने का प्रयास

बीकानेर रेल फाटक पर बन रहे आरओबी का काम जल्द से जल्द पूरा करवाने के लिए मैं लगातार फॉलोअप ले रहा हूं। रेलवे से ब्लॉक लेने के लिए यहां से एनएच के अधिकारियों ने जोधपुर रेलवे को पत्र भेजा था, जो जोधपुर से जयपुर भेजा गया, लेकिन किसी कमी के कारण वापस लौटा दिया। जोधपुर आ गया है। अब जोधपुर रेलवे ने पूरी डिजाइन मांगी है, जो भिजवा दी है। उम्मीद है पांच-सात दिन में ब्लॉक मिल जाएगा। एनएच के अधिकारियों का कहना है कि अगस्त तक काम पूरा करवा लिया जाएगा।

– अरुण कुमार पुरोहित, जिला कलक्टर, नागौर