आम आदमी पार्टी में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद आप देशभर में सुर्खियों में है। जहां राघव चढ्डा पार्टी की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं तो वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी समेत आम आदमी पार्टी के तमाम नेता कार्रवाई को सही ठहराते हुए चड्ढा पर मोदी से डरने का आरोप लगा रहे हैं। तेजी से बदले घटनाक्रम के बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी छोड़ सकते हैं या फिर पार्टी आने वाले दिनों में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा सकती है। राजनीति और कानून के जानकारों की मानें तो फिलहाल ऐसा संभव नहीं है कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दें। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि राज्यसभा में उनका कार्यकाल 2028 तक है। इस वक्त वे आम आदमी पार्टी के सांसद की हैसियत से राज्यसभा में है। यदि राघव पार्टी छोड़ते है तो उनकी सांसदी खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा यदि आप उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाती है या फिर वे आप छोड़कर किसी दूसरे दल में शामिल होते हैं तो दलबदल कानून के तहत उनकी सदस्यता पर संकट मंडरा सकता है। ऐसे में राघव फिलहाल पार्टी छोड़ने की गलती नहीं करेंगे। पार्टी के अंदर हाशिये पर जाने, तमाम जलालतों और बेइज्जती के बावजूद वे राज्यसभा का कार्यकाल पूरा करना ही मुनासिब समझेंगे।