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तालिबान के साथ आया भारत तो पाकिस्तान की उड़ीं नींद.. अब क्या करेंगे शरीफ-मुनीर
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तालिबान के साथ आया भारत तो पाकिस्तान की उड़ीं नींद.. अब क्या करेंगे शरीफ-मुनीर

भारत का साथ मिलने के बाद जहां तालिबान मजबूत हुआ है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर के नींद उड़ना तय है।

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भारत

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Darsh Sharma

Oct 31, 2025

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद तनाव बरकरार है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में नापाक हरकत की तो तालिबान ने भी पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया। इस बीच, भारत… अफगानिस्तान के साथ खुलकर समर्थन में आया है। भारत सरकार ने अफगानिस्तान के साथ सीमा पर तनाव बढ़ाने और निर्दोषों पर आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान की संप्रभुता से चिढ़ा हुआ है और बिना किसी डर के सीमा पार आतंकवाद फैला रहा है। भारत अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का पूरा समर्थन करता है।

भारत सरकार का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब तुर्की में हुई शांति वार्ता की विफलता के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते बिगड़ गए हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया है और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। 11 अक्टूबर की रात को तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले का आरोप लगाया था, जिसे इस्लामाबाद ने नकारा नहीं है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान को चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान की धरती पर कोई और आतंकी हमला हुआ तो वे अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा, “हम हमला करेंगे, हम निश्चित रूप से करेंगे। अगर उनकी धरती का इस्तेमाल होता है और वे हमारी धरती का उल्लंघन करते हैं, तो अगर हमें जवाबी कार्रवाई के लिए अफगानिस्तान में गहराई तक जाना पड़ा, तो हम निश्चित रूप से जाएंगे।” आसिफ ने तालिबान के बयानों को “जहरीला” और “चालाक और बिखरे हुए मानसिकता” वाला बताया।

आपको बता दें, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में हुई छह दिन की अहम बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी। हालांकि, दोनों देशों ने युद्धविराम जारी रखने पर सहमति जताई है। ये बैठक 25 से 30 अक्टूबर 2025 तक चली, जिसमें तुर्की और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। वार्ता में अफगानिस्तान के तालिबान शासित ‘इस्लामी अमीरात’ और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दोनों देशों के बीच ये बातचीत पिछले कुछ महीनों से बढ़ते सीमा तनाव और आतंकी घटनाओं के बीच शांति बहाल करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। वार्ता में ये तय किया गया कि 6 नवंबर 2025 को इस्तांबुल में एक और उच्च स्तरीय बैठक होगी। पाकिस्तान अफगानिस्तान और तालिबान पर दिल्ली से प्रायोजित होने का आरोप लगाता रहा है। अब भारत भी खुलकर अफगानिस्तान के समर्थन में है। भारत का साथ मिलने के बाद जहां तालिबान मजबूत हुआ है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर के नींद उड़ना तय है।