
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)
8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर हलचल तेज़ हो गई है। वेतन संशोधन की उम्मीदों के बीच, सरकार ने आधिकारिक तौर पर परामर्श प्रक्रिया शुरू कर दी है। आठवें वेतन आयोग के के उप सचिव अभय एन. सहाय की ओर से जारी आधिकारिक मेमोरेंडम के अनुसार आठवें वेतन आयोग की पहली अहम बैठक 28, 29 और 30 अप्रेल को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों और यूनियनों को अपनी मांगें और सुझाव आयोग के समक्ष रखने का मौक़ा मिलेगा। इस बड़े क़दम से देश के क़रीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को बड़ा फ़ायदा होने की उम्मीद है।
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कर्मचारी यूनियनों को 20 अप्रैल तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना मेमोरेंडम जमा करना है, जिसके बाद उन्हें बातचीत के लिए समय दिया जाएगा। दिल्ली के बाद आयोग की टीम 4-5 मई को पुणे और उससे पहले 24 अप्रेल को देहरादून का भी दौरा करेगी, ताकि विभिन्न कर्मचारी संगठनों से ज़मीनी स्तर पर संवाद किया जा सके।
इस बीच, नेशनल काउंसिल-जेसीएम स्टाफ साइड ने वेतन आयोग को 51 पन्नों का मेमोरेंडम सौंपा है। इसमें सबसे बड़ी मांग न्यूनतम मूल वेतन को भारी-भरकम तरीक़े से बढ़ाने की है।
न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर: सातवें वेतन आयोग के 18,000 रुपये के मुक़ाबले न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये करने की मांग की गई है। इसके लिए 3.833 के फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया गया है।
वार्षिक वेतन वृद्धि: वर्तमान 3% वार्षिक इन्क्रीमेंट को बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है ताकि महंगाई का सही ढंग से मुक़ाबला किया जा सके।
पुरानी पेंशन योजना (OPS): कर्मचारियों ने एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर ज़ोर दिया है।
पदोन्नति (Promotions): सेवाकाल में कम से कम 5 पदोन्नति (प्रमोशन) सुनिश्चित करने की सिफ़ारिश की गई है।
चार्ट—
मौजूदा स्तर (7th CPC) वेतन दायरा (रुपये में) प्रस्तावित न्यूनतम वेतन (8th CPC)
पे-स्केल 1 (लेवल 1) 18,000 – 56,900 69,000
पे-स्केल 2 (लेवल 2 व 3 मर्ज) 21,700 – 69,100 83,200
पे-स्केल 3 (लेवल 4 व 5 मर्ज) 29,200 – 92,300 1,12,000
पे-स्केल 4 (लेवल 6) 35,400 – 1,12,400 1,35,700
वेतन में बंपर इज़ाफ़े की मांग के साथ-साथ भत्तों को लेकर भी कर्मचारी यूनियन आक्रामक हैं। नेशनल काउंसिल-जेसीएम ने सुझाव दिया है कि हाउस रेंट अलाउंस को महंगाई भत्ते के साथ स्वतः इंडेक्स किया जाए, ताकि महंगाई बढ़ने पर HRA भी अपने आप बढ़ जाए। इसके अलावा हर पांच साल में शहरों के वर्गीकरण (X, Y, Z सिटी) की समीक्षा की मांग की गई है। स्वास्थ्य व रक्षा क्षेत्र जैसे जोखिम भरे कार्यों के लिए भी विशेष भत्ते बढ़ाने का सुझाव मेमोरेंडम में शामिल है।
सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है। ऐसे में, आठवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने और उसे सरकार से मंज़ूरी मिलने में समय लग सकता है। अगर इसे लागू करने में 2027 तक का समय लगता है, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 के संदर्भ में एरियर का भुगतान किया जाएगा। आगामी 28 से 30 अप्रेल की दिल्ली बैठकें वेतन आयोग की दिशा और दशा तय करने में मील का पत्थर साबित होंगी। (स्रोत:: 8cpc.gov.in).
Updated on:
15 Apr 2026 06:32 pm
Published on:
15 Apr 2026 06:30 pm
