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करोड़ों का दहेज भी नहीं बचा पाया जान!

27 साल की रिधन्या ने ससुराल में दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलने के बाद अपनी जिंदगी खत्म कर ली…

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आई एम सॉरी पापा! मुझे यह जिंदगी पसंद नहीं, अब मैं और नहीं जी सकती, मैं जा रही हूं…ये रूह कंपा देने वाले शब्द थे 27 साल की रिधान्या के…जो दहेज की मांग से इतना परेशान हो गईं कि अपनी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर ली…27 साल की रिधन्या अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी। उसने ससुराल में दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलने के बाद अपनी जिंदगी खत्म कर ली…