
Supreme Court (Photo - ANI)
भारत में मातृत्व अधिकारों को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी। खासतौर पर गोद लेने वाली माताओं के साथ अलग व्यवहार को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को देश के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court ) ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह साफ किया है कि गोद लेने वाली मां जन्म देने वाली मां से अलग नहीं है और इसी लिए दोनों को समान अधिकार मिलना चाहिए। इसी के चलते कोर्ट ने फैसला लिया है कि गोद लिए हुए बच्चे की उम्र कुछ भी हो मां को 12 हफ्तों की मैटरनिटी लीव मिलनी ही चाहिए।
बतां दे कि पहले गोद लिए गए बच्चे की उम्र तीन महीने से अधिक होने पर मां को मैटरनिटी लीव दिए जाने का प्रावधान नहीं था। कोर्ट ने इस व्यवस्था को असंवैधानिक करार देते हुए मां को मैटरनिटी लीव मिलने के पक्ष में फैसला सुनाया है। जस्टिस पर्डीवाला और जस्टिस महादेवन की बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि मातृत्व सुरक्षा का उद्देश्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि बच्चा मां के जीवन में कैसे आया है इसलिए एडॉप्टिव मदर को भी 12 हफ्ते का मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए, चाहे बच्चे की उम्र कुछ भी हो।
कोर्ट ने कहा कि जो महिलाएं तीन महीने से बड़े बच्चे को गोद लेती हैं, उनकी स्थिति भी उन महिलाओं जैसी ही होती है जो छोटे बच्चे को गोद लेती हैं। इसलिए उनके साथ भेदभाव करना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 की धारा 60(4) में मौजूद उम्र संबंधी सीमा को संविधान के आर्टिकल 14 के खिलाफ बताया। कोर्ट के अनुसार, यह प्रावधान समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है और महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण भेदभाव करता है।
पीठ ने यह भी माना कि जैविक और गोद लेने वाली माताओं के बीच कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन यह अंतर सामाजिक सुरक्षा लाभ देने से इनकार करने का आधार नहीं बन सकता। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गोद लेना भी प्रजनन के अधिकार का एक समान रूप है। बच्चे और मां दोनों को भावनात्मक और शारीरिक रूप से एक दूसरे के साथ तालमेल बिठाने के लिए समय की जरूरत होती है। इसलिए एडॉप्टिव मदर्स को मातृत्व अवकाश से वंचित करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह उनके गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का भी उल्लंघन करता है। इस फैसले से देश में महिलाओं के अधिकारों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
17 Mar 2026 02:14 pm
Published on:
17 Mar 2026 02:14 pm
