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Monsoon 2025 : क्यों तबाही मचा रही बारिश.? मौसम विभाग ने बताई वजह

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देशभर में 1 जून से 3 सितंबर तक औसतन 780.8 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि सामान्य औसत 721.1 मिलीमीटर है यानी 8 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। बीता सप्ताह देश में सबसे ज्यादा बारिश वाला रहा। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच 48 फीसदी अधिक 75.2 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि सामान्य औसत 49 मिलीमीटर है।

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भारत

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Darsh Sharma

Sep 05, 2025

देशभर में मानसून अपने चरम पर है और लगभग सभी राज्यों में धरती को तरबतर कर रहा है। अत्यधिक मौसमी गतिविधियां के चलते पहाड़ी राज्यों के साथ मैदानी इलाके तक पानी-पानी हो गए हैं। कई राज्यों में बाढ़ से सामान्य जनजीवन बेपटरी हो गया है। मौसम विभाग ने सितंबर में कुल 109 फीसदी बारिश का अनुमान जताया है। ऐसे में अब सभी के मन में ये सवाल आ रहा है कि आखिर इतनी बारिश क्यों हो रही है.. और क्यों ये बारिश तबाही मचा रही है। मौसम विभाग ने इस सवाल का जवाब दिया है। मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठी नमी और मानसून ट्रफ का उत्तरी हिस्सों की ओर खिसकना इस भारी बारिश का कारण है। इस साल अधिक बारिश होने का एक कारण इस समय मानसून ट्रफ का समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में बना होना है। साथ ही ये निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल तक फैली है। इसके अलावा, एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्व अरब सागर से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। यही वजह है कि पूरे भारत में बारिश का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देशभर में 1 जून से 3 सितंबर तक औसतन 780.8 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि सामान्य औसत 721.1 मिलीमीटर है यानी 8 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। बीता सप्ताह देश में सबसे ज्यादा बारिश वाला रहा। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच 48 फीसदी अधिक 75.2 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि सामान्य औसत 49 मिलीमीटर है। उत्तर भारत इस साल पिछले 50 वर्षों का दूसरा सबसे ज्यादा बरसात वाला मानसून देख रहा है। यहां अब तक बारिश 37% ज्यादा दर्ज हुई है। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक पानी बरसा है। दिल्ली में इस सीज़न में अब तक 843.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 33% ज्यादा है। राजस्थान में बारिश का आंकड़ा 58% अधिक तक पहुंच गया। मध्य प्रदेश में 30% और झारखंड में 41% अधिक बारिश दर्ज हुई। जहां उत्तर भारत पानी में डूबा है, वहीं पूर्वोत्तर और बिहार में बारिश ने मुंह मोड़ लिया है। असम में अब तक 37%, मेघालय में 45%, अरुणाचल प्रदेश में लगभग 40% और बिहार में करीब 25% कम बारिश हुई है।

हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पंजाब में हालात सबसे खराब रहे, जहां 1400 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए और करीब 3.5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। ओडिशा में भी नदियों के उफान से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। IMD का कहना है कि आने वाले दिनों में भी उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार का मानसून औसत से ऊपर रहेगा और इसकी वजह बंगाल की खाड़ी व अरब सागर से मिल रही नमी है।