देश की राजधानी दिल्ली वालों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। बेकाबू यमुना अपने रौद्र रूप में है और उसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी ने खतरे के निशान यानी 205.33 मीटर को पार कर लिया है और अब जलस्तर 205.75 मीटर तक पहुंच गया है। ऐसे में यमुना तबाही मचाने के तैयार है। निचले इलाकों में पानी भरने के साथ ही उसने ये संकेत भी दे दिया है। हथिनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी ने राजधानी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। हथिनी कुंड से छोड़ा गया 3 लाख 29 हजार क्यूसेक पानी अगले 48 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा। मगर, उससे पहले ही नदी का पानी यहां की रिहायशी गलियों तक घुस गया है। कई घरों के निचले हिस्से डूब चुके हैं और सड़कें पूरी तरह जलमग्न नज़र आ रही हैं। ऐसे में निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई परिवारों को घर खाली करने पड़ रहे हैं और अब राहत कैंप ही उनका अस्थायी ठिकाना है। कुछ घरों में पानी भरने से बच्चे और बुज़ुर्ग परेशान हैं। उनके मन में बस एक ही सवाल है कि पता नहीं कहाँ जाएं।