
गिरल धरने से हजारों समर्थकों के साथ निकले रविन्द्रसिंह भाटी, जैसलमेर रोड पर रोका काफिला
गिरल लिग्नाइट माइंस में मजदूरों और ट्रक चालकों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन ने मंगलवार को शिव विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
गिरल गांव में पिछले चालीस दिनों से मजदूरों और ट्रक चालकों का आंदोलन जारी है। आंदोलनकारियों की दस सूत्रीय मांगों में नए टेंडर के बाद मजदूरों और चालकों को हटाए जाने का विरोध प्रमुख है।
विधायक भी धरने में हैं शामिल
आंदोलन के समर्थन में विधायक रविन्द्रसिंह भाटी पिछले चौदह दिनों से धरनास्थल पर बैठे हुए थे। मंगलवार को गिरल में आयोजित मजदूर महासम्मेलन और आक्रोश सभा के बाद हजारों मजदूरों, ग्रामीणों और समर्थकों के साथ जिला मुख्यालय की ओर कूच किया गया। प्रदर्शनकारियों का काफिला जैसे ही बाड़मेर पहुंचा, जैसलमेर रोड पर बीएसएफ गेट के आगे पुलिस ने बसें खड़ी कर रास्ता रोक दिया। इसके बाद विधायक समर्थकों के साथ पैदल ही कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करते ही माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
अचानक निकाली बोतल, खुद पर उड़ेला पेट्रोल
कलेक्ट्रेट में प्रवेश के दौरान विधायक भाटी ने अपने बैग से अचानक पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। यह देखते ही आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों में हड़कंपमच गया। मौके पर मौजूद कांस्टेबल दमाराम ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उनके हाथ से बोतल छीन ली। इस दौरान विधायक भाटी लगातार भावुक और आक्रोशित अंदाज में कहते रहे “मुझे मारो, मजदूरों को मत मारो… मारना है तो मुझे मारो।” उन्होंने माचिस मांगते हुए आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधिकारियों और समर्थकों ने उन्हें घेरकर काबू में कर लिया। बाद में पुलिस उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर ले गई।
मचा हड़कंप, आक्रोशित लोगों ने की नारेबाजी
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में भारी तनाव की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में समर्थक और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। मजदूरों के समर्थन में विधायक के इस उग्र कदम ने पूरे जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। वहीं जिला कलेक्ट्रेट के आगे जमकर नारेबाजी की गई। यहां चप्पे-चप्पे पुलिस तैनात रही।